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Showing posts from July, 2026

*पुतिन का ‘डूम्सडे प्लेन’ US के ईरान पर हमला करने से कुछ घंटे पहले मॉस्को-तेहरान-बीजिंग का रहस्यमयी सफ़र,24 घंटे की इस उड़ान के पीछे राज़ क्या है?*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई

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*पुतिन का ‘डूम्सडे प्लेन’ US के ईरान पर हमला करने से कुछ घंटे पहले मॉस्को-तेहरान-बीजिंग का रहस्यमयी सफ़र,24 घंटे की इस उड़ान के पीछे राज़ क्या है?*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई  (मुंबई/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई) एक ऐसे घटनाक्रम में जिसने "इंटरनेशनल स्ट्रेटेजिक कम्युनिटी"को हिलाकर रख दिया है। रूस के बहुत ज़्यादा "क्लासिफाइड एयरबोर्न कमांड एयरक्राफ्ट"जिसे अनौपचारिक रूप से“डूम्सडे प्लेन” के नाम से जाना जाता है। उसने इस हफ़्ते की शुरुआत में तीन राजधानियों में 24 घंटे का एक असामान्य सफ़र किया। जिससे US-ईरान की बढ़ती दुश्मनी के बीच एक सीक्रेट हाई-स्टेक्स डिप्लोमैटिक मिशन के बारे में तेज़ अटकलें लगाई जा रही हैं। वो फ़्लाइट जिसने सबका ध्यान खींचा। AirNav Radar और Flightradar24 के फ़्लाइट-ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक एक रूसी टुपोलेव Tu-214PU कमांड एयरक्राफ़्ट,जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर RA-64531 है और जिसका कॉलसाइन RSD420 है। 13 जुलाई को लोकल टाइम के हिसाब से सुबह करीब 8:30 बजे मॉस्को के"वनुकोवो एयरपोर्ट" से उड़ा। रूस के एलीट स्पेशल फ़्लाइट स्क्वाड्रन रोसिया,जो देश के टॉप पॉलिटिकल और म...

*अदभुत...13वीं सदी के मुस्लिम वैज्ञानिक कुत्बुद्दीन शिराजी ने सुलझाया इंद्रधनुष का रहस्य*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई

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*अदभुत...13वीं सदी के मुस्लिम वैज्ञानिक कुत्बुद्दीन शिराजी ने सुलझाया इंद्रधनुष का रहस्य*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई (मुंबई/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई) इस्लामी स्वर्ण युग (Islamic Golden Age) के महान वैज्ञानिक कुत्बुद्दीन शिराजी (Qutb al-Din al-Shirazi, 1236–1311 ) ने एक ऐसी प्राकृतिक घटना का रहस्य उजागर किया। जिसे सदियों तक कोई समझ नहीं पाया था। इंद्रधनुष (Rainbow) कैसे बनता है? उन्होंने बताया कि बारिश की बूंदों में रोशनी के सफर (the path of light inside a raindrop) से ही यह अद्भुत रंगीन कमान बनती है। विज्ञान का वह रहस्य जो सदियों छिपा था । उस बात को समझे तो कुत्बुद्दीन शिराजी ने अपने शोध में साबित किया कि जब सूर्य की सफेद रोशनी बारिश की एक बूंद में प्रवेश करती है तो वह अपवर्तित (refracted) होती है। बूंद की भीतरी सतह से परावर्तित (reflected) होती है और फिर बूंद से बाहर निकलते समय दोबारा अपवर्तित होती है। इस जटिल यात्रा के दौरान सफेद रोशनी अपने सात रंगों में विभक्त हो जाती है और यही वह प्रक्रिया है । जो आसमान में रंगीन इंद्रधनुष का निर्माण करती है। उनके शिष्य कमाल अल-दीन अल-फ़ारिसी (Kamāl al-...
*रूस में 1.2 मिलियन लोगों की भीड़ की अफवाहें: सच क्या है?स्टेट ड्यूमा ने की सफाई,एक्सपर्ट्स ने बताया यूक्रेन का प्रोपेगैंडा*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई 

*रूस में 1.2 मिलियन लोगों की भीड़ की अफवाहें: सच क्या है?स्टेट ड्यूमा ने की सफाई,एक्सपर्ट्स ने बताया यूक्रेन का प्रोपेगैंडा*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई

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*रूस में 1.2 मिलियन लोगों की भीड़ की अफवाहें: सच क्या है?स्टेट ड्यूमा ने की सफाई,एक्सपर्ट्स ने बताया यूक्रेन का प्रोपेगैंडा*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई  (मुंबई/रिपोर्ट स्पर्श देसाई) सोशल मीडिया पर एक खबर तेजी से वायरल हो रही है कि इस पतझड़ में रूस में 1.2 मिलियन लोगों की भीड़ (सैन्य लामबंदी) mobilization होगी। यह दावा अज्ञात टेलीग्राम चैनलों से फैल रहा है। जिनका कोई आधिकारिक स्रोत नहीं है हालांकि इस अफवाह ने रूसी नागरिकों में चिंता पैदा कर दी है। आइए जानते हैं इस पूरे मामले की सच्चाई और क्या कहते हैं रूसी अधिकारी और उसके विशेषज्ञ?रूसी अधिकारियों का स्पष्ट बयान देखें तो स्टेट ड्यूमा डिफेंस कमेटी के प्रमुख आंद्रेई कार्तपोलोव ने इन अफवाहों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि रूस में किसी भी प्रकार की भीड़ की कोई योजना नहीं है और न ही कभी थी। यह सारी खबरें रूसी समाज में दहशत फैलाने के लिए गढ़ी गई हैं।  उनका बयान ओएसएन (OSN) ने उद्धृत किया है। फेडरेशन काउंसिल की संवैधानिक विधान समिति के अध्यक्ष आंद्रेई क्लिशास ने भी इसी तरह की सफाई दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी संस्थानों में इस ...

*ISRO में वैज्ञानिकों के इस्तीफ़ों का संकट:क्या देश के अंतरिक्ष कार्यक्रम को खतरा?*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई

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*ISRO में वैज्ञानिकों के इस्तीफ़ों का संकट:क्या देश के अंतरिक्ष कार्यक्रम को खतरा?*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई  (मुंबई/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई) ISRO के 120 से अधिक वैज्ञानिकों ने दिए इस्तीफ़े दौरान सरकार ने बदले नियम। गगनयान मिशन के बीच ISRO में वैज्ञानिकों का पलायन क्या है वजह?ISRO Scientists Exodus100+वैज्ञानिकों के जाने से सरकार ने कसी नकेल। प्राइवेट सेक्टर का लालच या नीतिगत असफलता?ISRO के बड़े वैज्ञानिकों के इस्तीफ़े। Gaganyaan पर खतरा? ISRO के टॉप साइंटिस्टों ने छोड़ा साथ, सरकार ने रोकी राह।ISRO में संकट के मद्देनजर 120 वैज्ञानिकों ने छोड़ा संस्थान,विशेषज्ञ बोले कि बड़ा नुकसान।  Space Startups का कमाल या सरकारी नौकरी की मजबूरी? ISRO में वैज्ञानिकों के इस्तीफ़े । कहीं BSNL जैसा हाल ISRO का न हो जाए?100+ वैज्ञानिकों के इस्तीफ़े पर उठे सवाल। ISRO के 120 साइंटिस्टों ने ठोका ताला। सरकार ने इस्तीफ़ा स्वीकारने के नियम बदले। Brain Drain in ISRO क्या प्राइवेट कंपनियाँ खींच रही हैं देश के बेहतरीन दिमाग़?भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने हाल के महीनों में अपने शीर्ष वैज्ञानिकों और तकनीकी अधिक...

*रेड लाइन: रूस के पेस्कोव ने एटॉमिक हथियारों के इस्तेमाल के लिए सख्त शर्तें बताईं*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई

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*रेड लाइन: रूस के पेस्कोव ने एटॉमिक हथियारों के इस्तेमाल के लिए सख्त शर्तें बताईं*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई (मुंबई/रिपोर्ट स्पर्श देसाई)यूक्रेन विवाद के बीच मॉस्को ने न्यूक्लियर डॉक्ट्रिन को साफ किया।  क्रेमलिन के स्पोक्सपर्सन दिमित्री पेस्कोव ने साफ कर दिया है कि रूस न्यूक्लियर हथियारों का इस्तेमाल तभी करेगा जब देश के वजूद को असली खतरा होगा। स्विस मैगज़ीन ''डाई वेल्टवोचे''को दिए एक इंटरव्यू में पेस्कोव ने इस बात पर ज़ोर दिया कि न्यूक्लियर डिटरेंस ही"ग्लोबल वॉर"को रोकने वाली एकमात्र ताकत है। उन्होंने कहा कि न्यूक्लियर डिटरेंस के अलावा दुनिया में कुछ भी नहीं बचा है। पेस्कोव का बयान ऐसे अहम समय पर आया है। जब यूक्रेन विवाद जारी है और पश्चिमी देश कीव को मिलिट्री मदद दे रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि यूरोप और यूनाइटेड स्टेट्स द्वारा मॉस्को की सुरक्षा चिंताओं को नज़रअंदाज़ करने के बाद स्पेशल मिलिट्री ऑपरेशन एक ज़रूरी कदम बन गया था। यूक्रेन विवाद खत्म करने के रास्ते के मद्देनजर क्रेमलिन के स्पोक्सपर्सन ने यूक्रेन वॉर खत्म करने की शर्तें भी बताईं। उन्होंने कहा कि अगर यूक्र...

*भारत से 50 किमी दूर चीन का मेगा डैम:क्यों बढ़ गई वैज्ञानिकों की चिंता?*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई 

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*भारत से 50 किमी दूर चीन का मेगा डैम:क्यों बढ़ गई वैज्ञानिकों की चिंता?*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई  (मुंबई/रिपोर्ट स्पर्श देसाई) भारत से 50 किलोमीटर दूर बन रहे मेगा डैम को लेकर चीन के वैज्ञानिक क्यों हैं चिंतित? उसकी वजह जाने तो चाइना जियोलॉजिकल सर्वे के अध्ययन के मुताबिक भारत-चीन सीमा से 50-किलोमीटर दूर ब्रह्मपुत्र नदी पर चीन सक्रिय पैझेन फॉल्ट लाइन के ऊपर"मेदोग डैम"बना रहा है। साल 2017 में तिब्बत में 6.9 तीव्रता का जो भूकंप आया था वह इसी फॉल्ट लाइन से आया था। डैम में पानी भरने पर धरती के अंदर उसका रिसाव होगा तो पकड़ ढीली होगी। भूकंप आने पर भूस्खलन और पहाड़ों के ढहने से डैम के टूटने का खतरा पैदा होगा जिससे भारत को नुकसान होगा। दरअसल चीन द्वारा ब्रह्मपुत्र नदी तिब्बत में जिसे "यारलुंग सांगपो नदी" कहते हैं उस पर दुनिया का सबसे बड़ा जलविद्युत परियोजना शुरू करने के बाद वैज्ञानिक समुदाय में चिंता की लहर दौड़ गई है। यह विशाल डैम जिसकी क्षमता 60 गीगावॉट होगी और जो तीन गुना अधिक बिजली पैदा करेगा। भारत-चीन सीमा से मात्र 50 किलोमीटर दूर सक्रिय पैझेन फॉल्ट लाइन के ऊपर बन रहा है। च...

*सैटेलाइट तस्वीर में दिखा नया मौसम सिस्टम, पूरे भारत में फिर से सक्रिय होगा मॉनसून* /रिपोर्ट स्पर्श देसाई

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*सैटेलाइट तस्वीर में दिखा नया मौसम सिस्टम, पूरे भारत में फिर से सक्रिय होगा मॉनसून* /रिपोर्ट स्पर्श देसाई (मुंबई/रिपोर्ट स्पर्श देसाई)सैटेलाइट तस्वीर में दिखा नया वेदर सिस्टम जिससे पूरे भारत में फिर से सक्रिय हो सकता है मॉनसून। बंगाल की खाड़ी के ऊपर फ्रेश वेदर सिस्टम बना है जिससे भारत में अच्छी बारिश की उम्मीद जगी है। यह प्रशांत महासागर में बना है और 2-3 दिनों में इसके ओडिशा/पश्चिम बंगाल की ओर बढ़ने की संभावना है। आईएमडी ने कहा कि अगले 7 दिनों के दौरान पूर्वोत्तर भारत,पूर्वी यूपी और पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में बारिश बढ़ने की उम्मीद है। मानसून ने जून में जहां अपनी धीमी शुरुआत से सभी को निराश किया था। वहीं अब जुलाई के मध्य में एक ताजा मौसम प्रणाली ने पूरे भारत में बारिश की उम्मीदें जगा दी हैं।  भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक नया निम्न दबाव क्षेत्र बना है। जो अगले कुछ दिनों में पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में मानसून को फिर से सक्रिय कर देगा। यह प्रणाली प्रशांत महासागर से उत्पन्न होकर ओडिशा और पश्चिम बंगाल की ओर बढ़ रही है। जिससे 2-3 दिनों में इन राज्यों में भारी ...

*द बैंकर टॉप 10:चीन का वित्तीय साम्राज्य,7 बैंकों के साथ अमेरिका को पछाड़ा!जानें क्यों बदल रहा है ग्लोबल पावर गेम*/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई

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*द बैंकर टॉप 10:चीन का वित्तीय साम्राज्य,7 बैंकों के साथ अमेरिका को पछाड़ा,जानें क्यों बदल रहा है ग्लोबल पावर गेम*/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई  (मुंबई /रिपोर्ट स्पर्श देसाई) वैश्विक बैंकिंग जगत में एक बार फिर ''चीन का शानदार दबदबा''सामने आया है।''द बैंकर''(The Banker) पत्रिका द्वारा जारी की गई ताजा वैश्विक बैंक रैंकिंग (टॉप 1000 वर्ल्ड बैंक्स) में चीनी बैंकों ने अपनी आर्थिक ताकत का लोहा मनवाया है। इस रैंकिंग में दुनिया के शीर्ष 10 सबसे बड़े बैंकों में से 7 चीनी बैंकों ने अपनी जगह बनाई है। टियर-1 कैपिटल का बड़ा आधार के हिसाब से यह रैंकिंग ''टियर-1 कैपिटल''(मूल पूंजी) के आधार पर तैयार की गई है। जिसे किसी बैंक की वित्तीय मजबूती और संकट झेलने की क्षमता का सबसे अहम पैमाना माना जाता है। "इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल बैंक ऑफ चाइना"(ICBC), "चाइना कंस्ट्रक्शन बैंक"(CCB),"एग्रीकल्चरल बैंक ऑफ चाइना"(ABC) और "बैंक ऑफ चाइना" (BOC) ने न केवल टॉप 4 में कब्जा जमाया है बल्कि इन बैंकों की कुल टियर-1 कैपिटल इतनी बढ़ गई है कि ये...

*सिलिकॉन शील्ड की जंग को लेकर क्यों ताइवान पर नियंत्रण के लिए बेताब है चीन और क्या है ट्रंप-शी जिनपिंग की मुलाकात का सच?*/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई

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*सिलिकॉन शील्ड की जंग को लेकर क्यों ताइवान पर नियंत्रण के लिए बेताब है चीन और क्या है ट्रंप-शी जिनपिंग की मुलाकात का सच?*/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई  (मुंबई/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई)अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने अपनी मुलाकात में चाइना के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से कहा था कि अगर तुम ताइवान पर कमजोर करोगे तो मैं बहुत नाखुश होंगा। वह मुस्कुराये। कुछ नहीं बोले लेकिन असल में चीन ताइवान को इतनी मजबूती से क्यों चाहता है?इसका कारण यह है ताइवान दुनिया के 90% सबसे एडवांस सेमी कंडक्टर चिप्स बनाता है। जो हर अमेरिकी फोन,फाइटर जेट,मिसाइल और एआई सिस्टम की टेकनोलोजी के अंदर होती हैं।  जो भी ताइवान को कंट्रोल करेगा। उसके पास दुनिया की सबसे ताकतवर टेकनोलोजी सप्लाई चेन होगी और चीन इसे अच्छी तरह जानता है अगर चीन ताइवान ले गया तो अमेरिका अपनी तकनी की बढ़त हमेशा के लिए खो देगा। जापान की एक तिहाई ट्रेड अचानक खत्म हो जाएगी। दक्षिन कोरिया अपनी चौथाई ट्रेड खो देगा और चीन दुनिया की अगली सबसे बड़ी तकनी की ताकत बन जाएगा। दरअसल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच बीजिंग में हुई हाई- प्र...