*सैटेलाइट तस्वीर में दिखा नया मौसम सिस्टम, पूरे भारत में फिर से सक्रिय होगा मॉनसून* /रिपोर्ट स्पर्श देसाई
*सैटेलाइट तस्वीर में दिखा नया मौसम सिस्टम, पूरे भारत में फिर से सक्रिय होगा मॉनसून* /रिपोर्ट स्पर्श देसाई
(मुंबई/रिपोर्ट स्पर्श देसाई)सैटेलाइट तस्वीर में दिखा नया वेदर सिस्टम जिससे पूरे भारत में फिर से सक्रिय हो सकता है मॉनसून। बंगाल की खाड़ी के ऊपर फ्रेश वेदर सिस्टम बना है जिससे भारत में अच्छी बारिश की उम्मीद जगी है। यह प्रशांत महासागर में बना है और 2-3 दिनों में इसके ओडिशा/पश्चिम बंगाल की ओर बढ़ने की संभावना है। आईएमडी ने कहा कि अगले 7 दिनों के दौरान पूर्वोत्तर भारत,पूर्वी यूपी और पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में बारिश बढ़ने की उम्मीद है। मानसून ने जून में जहां अपनी धीमी शुरुआत से सभी को निराश किया था। वहीं अब जुलाई के मध्य में एक ताजा मौसम प्रणाली ने पूरे भारत में बारिश की उम्मीदें जगा दी हैं।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक नया निम्न दबाव क्षेत्र बना है। जो अगले कुछ दिनों में पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में मानसून को फिर से सक्रिय कर देगा। यह प्रणाली प्रशांत महासागर से उत्पन्न होकर ओडिशा और पश्चिम बंगाल की ओर बढ़ रही है। जिससे 2-3 दिनों में इन राज्यों में भारी बारिश की संभावना है। मानसून ब्रेक से राहत के मद्देनजर क्यों जरूरी है यह बदलाव वह जाने तो जून में भारत ने 40% कम बारिश दर्ज की। जो पिछली सदी में पाँचवीं सबसे कम वर्षा थी हालांकि जुलाई के पहले सप्ताह में कुछ राहत मिली लेकिन फिर मानसून ट्रफ उत्तरी हिमालय की तरफ खिसक गई। जिससे मध्य और पश्चिमी भारत में शुष्क स्थिति पैदा हो गई। इस नए सिस्टम के आने से मानसून ट्रफ फिर से दक्षिण की ओर आ सकती है। जिससे देश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश होगी। IMD का पूर्वानुमान के हिसाब से कहाँ और कितनी बारिश होगी। IMD ने अगले 7 दिनों के दौरान पूर्वोत्तर भारत,पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में बारिश बढ़ने की उम्मीद जताई है। ओडिशा के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। जहाँ 14-15 जुलाई को अत्यधिक भारी बारिश (200 मिमी से अधिक) की चेतावनी है।
पश्चिम बंगाल,बिहार और झारखंड में भी ऑरेंज अलर्ट है। जहाँ 115-204 मिमी बारिश हो सकती है। पूर्वोत्तर राज्यों में 200-300 मिमी तक बारिश होने की संभावना है। मेघालय में 500 मिमी से अधिक वर्षा दर्ज की जा सकती है। अल नीनो और प्रशांत महासागर का खेल के मद्देनजर बता दें कि इस बार मानसून पर अल नीनो की मजबूत सक्रियता का असर है। प्रशांत महासागर का निनो 3.4 क्षेत्र इस साल काफी गर्म है। जिसने जून की बारिश को प्रभावित किया हालाँकि बंगाल की खाड़ी में सक्रिय यह ताजा सिस्टम एक सकारात्मक संकेत है क्योंकि यह अल नीनो के दुष्प्रभावों को कम कर सकता है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि अगर यह सिस्टम सही दिशा में आगे बढ़ा तो जुलाई के अंत तक मानसून और मजबूत हो सकता है।
क्या कहते हैं सैटेलाइट तस्वीरें वह देखें तो ISRO के INSAT-3DS उपग्रह से ली गई ताजा तस्वीरों में बंगाल की खाड़ी से लेकर पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत तक घने बादलों की मौजूदगी दिख रही है। ये तस्वीरें बताती हैं कि कैसे मानसून ट्रफ अब अपनी सामान्य स्थिति में लौट रही है। जिससे आने वाले दिनों में कई राज्यों में जोरदार बारिश हो सकती है हालाँकि अभी भी देश में 18% बारिश की कमी बनी हुई है। ऐसे में यह सिस्टम खरीफ फसलों और जलाशयों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।(Photos Courtesy Social media and AI)
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