*बॉलीवुड सितारों को FDA का शो-कॉज़ नोटिस जारी किया गया।क्या ''विमल इलायची''का विज्ञापन पान मसाला का सरोगेट प्रमोशन है?*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई

*बॉलीवुड सितारों को FDA का शो-कॉज़ नोटिस जारी किया गया।क्या ''विमल इलायची''का विज्ञापन पान मसाला का सरोगेट प्रमोशन है?*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई 


(मुंबई/रिपोर्ट स्पर्श देसाई)बोलीवुड सितारों शाहरुख खान,अजय देवगन व टाइगर श्रॉफ को ''विमल इलायची''ऐड को लेकर FDA ने भेजा शो-कॉज़ नोटिस। महाराष्ट्र फूड ऐंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने ''विमल इलायची''के विज्ञापन के ज़रिए राज्य में बैन''पान मसाला''का इनडायरेक्ट प्रमोशन करने पर बोलीवुड ऐक्टर शाहरुख खान,अजय देवगन व टाइगर श्रॉफ को शो-कॉज़ नोटिस जारी किया है। उन्हें अपनी वेबसाइट-सोशल मीडिया अकाउंट्स से विज्ञापन हटाने का निर्देश मिला है। उनसे पूछा गया है कि उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई क्यों न हो ।


 इसी हफ्ते जारी हुए ये नोटिस। महाराष्ट्र FDA ने SRK,अजय और टाइगर को जो नोटिस भेजा है। उसमें क्या कहा गया है?महाराष्ट्र FDA ने शाहरुख खान,अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को नोटिस भेजा है। इसमें कहा गया कि जिस ''विमल'' बैंड से वे जुड़े हैं। वे मुख्य रूप से पान मसाला से जुड़ा है । जो महाराष्ट्र में प्रतिबंधित है। विज्ञापन के प्रस्तुतीकरण को लेकर FDA ने सवाल उठाया कि कहीं यह प्रतिबंधित पान-मसाला के सरोगेट विज्ञापन का मामला तो नहीं है?दौरान शिवसेना ने ''विमल''के विज्ञापन पर शाहरुख, टाइगर और अजय को FDA का नोटिस देने का सही फैसला ठहराया है। शिवसेना प्रवक्ता शाइना एनसी ने ''विमल इलायची''के विज्ञापन को लेकर अभिनेता शाहरुख खान,अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को महाराष्ट्र एफडीए द्वारा भेजे गए नोटिस का समर्थन किया है। शाइना ने कहा उहम जानते हैं कि गुटखा और पान मसाला स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं। सही दिशा में उठाए गए कदम को जनहित में लिया गया फैसला माना जाना चाहिए। इसी दौरान SRK और अजय देवगन ने विवादित बैंड विज्ञापनों पर कैसे किया था अपना बचाव? वह देखें तो महाराष्ट्र FDA ने शाहरुख खान और अजय देवगन को ''विमल इलायची'' के विज्ञापन को लेकर नोटिस भेजा है।


 शाहरुख ने  साल2006 में कहा था कि आप कुछ उत्पादों को नहीं रोक रहे हैं क्योंकि वे सरकार के राजस्व स्रोत हैं फिर मेरी कमाई को मत रोकिए। अजय देवगन ने कहा था कि अगर यह इतना हानिकारक है तो इसे बेचना ही नहीं चाहिए। बॉलीवुड सितारों को FDA का शो-कॉज़ नोटिस जारी किया गया है कि क्या ''विमल इलायची''का विज्ञापन पान मसाला का सरोगेट प्रमोशन है? महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने बॉलीवुड के तीन बड़े सितारों कि शाहरुख खान,अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को''विमल इलायची''के विज्ञापन को लेकर शो-कॉज़ नोटिस जारी किया है। एफडीए का आरोप है कि यह विज्ञापन महाराष्ट्र में प्रतिबंधित''विमल पान मसाला''के अप्रत्यक्ष प्रमोशन (सरोगेट एडवरटाइजिंग) का मामला हो सकता है। क्या है पूरा मामला? वह जाने तो महाराष्ट्र सरकार ने 13 जुलाई 2026 को प्रतिबंधात्मक आदेश जारी करते हुए पान मसाला और गुटखा जैसे उत्पादों के निर्माण, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर एक साल के लिए रोक लगा दी है। एफडीए के अनुसार"विमल इलायची''का विज्ञापन ''विमल'' ब्रांड से जुड़ाव पैदा करता है। जो मुख्य रूप से प्रतिबंधित पान मसाला से जुड़ा हुआ है। 9 पन्नों के नोटिस में कहा गया है कि विज्ञापन के परीक्षण पर प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि यह विज्ञापन " विमल ब्रांड" को बढ़ावा देता है। जो मुख्य रूप से पान मसाला से जुड़ा है। एक ऐसा उत्पाद जो महाराष्ट्र राज्य में एक वर्ष के लिए प्रतिबंधित है।


 एफडीए ने खाद्य सुरक्षा और मानक (एफएसएस) अधिनियम,2006 की धारा 24 (भ्रामक विज्ञापन) और धारा 53 (अधिकतम 10 लाख रुपये का जुर्माना) का हवाला दिया है। FDA का सख्त रुख और पूरी चेन पर नजर के हिसाब से एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे ने साफ किया है कि यह कार्रवाई सिर्फ सितारों तक सीमित नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि इस नियमन को एडवरटाइजमेंट बनाने प्रकाशित करने या प्रायोजित करने वाले सभी लोगों को पढ़ना चाहिए। नियमों के अनुसार पूरी चेन में हर कोई जिम्मेदार है। एफडीए ने चेतावनी दी है कि एड चेन से जुड़े सभी स्टेकहोल्डर्स (कंपनियां,प्लेटफॉर्म,विज्ञापन एजेंसियां) जांच के दायरे में आ सकते हैं। इस बोलीवुड अभिनेताओं को क्या-क्या निर्देश दिए गए? वह जाने तो नोटिस अजय देवगन को उनके जुहू स्थित आवास पर शाहरुख खान को बांद्रा स्थित ''मन्नत''में और टाइगर श्रॉफ को उनकी प्रोडक्शन कंपनी ''टाइगर श्रॉफ प्रोडक्शंस एलएलपी''के माध्यम से भेजा गया। एफडीए ने तीनों को 15 दिन का समय देते हुए सोशल मीडिया अकाउंट्स से विज्ञापन हटाने का निर्देश दिया है और विज्ञापन में भागीदारी तुरंत बंद करने को कहा है। बोलीवुड अभिनेताओं से FDA ने क्या सवाल पूछे हैं?एफडीए ने तीनों अभिनेताओं से कई अहम सवाल पूछे हैं। ड्यू डिलिजेंस के मद्देनजर क्या उन्होंने या उनके प्रतिनिधियों ने विज्ञापन करने से पहले कोई जांच- पड़ताल की थी?उत्पाद की स्थिति विषयक क्या''विमल इलायची''एक स्वतंत्र उत्पाद है या यह पान मसाला को बढ़ावा देने के लिए एक ब्रांड एक्सटेंशन है?दस्तावेजों के मुताबिक एंडोर्समेंट एग्रीमेंट,कैंपेन ब्रीफ,भुगतान विवरण और विज्ञापन एजेंसी व ब्रांड मालिक की जानकारी मांगी गई है। प्रसारण विवरण के मद्देनजर किन टीवी चैनलों, डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया अकाउंट्स पर विज्ञापन चला?इसकी जानकारी भी मांगी गई है। 

दौरान पुराना विवाद और अक्षय कुमार का मामला जाने तो यह पहली बार नहीं है जब ''विमल'' ब्रांड विवादों में घिरा है। साल 2018 में डीजीएचएस (Directorate General of Health Services) ने COTPA अधिनियम के तहत कंपनी को नोटिस जारी किया था। साल 2022 में अक्षय कुमार ने शाहरुख और अजय के साथ ''विमल इलायची'' के विज्ञापन पर आलोचना झेलने के बाद माफी मांगी थी और घोषणा की थी कि वह इस तरह के विज्ञापनों से दूर रहेंगे साथ ही अपनी फीस दान कर दी थी। इस पर सियासी और कानूनी समर्थन देखें तो शिवसेना प्रवक्ता शाइना एनसी ने एफडीए के इस कदम का समर्थन करते हुए इसे "जनहित" में उठाया गया सही कदम बताया है। उन्होंने कहा कि हम सभी जानते हैं कि गुटखा और पान मसाला स्वास्थ्य के लिए कितने हानिकारक हैं। बॉम्बे हाई कोर्ट के वकील जमशेद मिस्त्री ने कहा कि COTPA अधिनियम की धारा 5 तंबाकू उत्पादों के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष विज्ञापन दोनों पर रोक लगाती है। उन्होंने कहा कि सरोगेट विज्ञापन सख्त वर्जित है अगर इलायची के विज्ञापन का इस्तेमाल किसी प्रतिबंधित ब्रांड को बढ़ावा देने के लिए किया जाता है तो यह नियामक जांच के दायरे में आता है। वहीं वकीलों बेहजाद ईरानी और रुचिका शर्मा के अनुसार केवल एक सामान्य ब्रांड नाम का उपयोग अपने आप में सरोगेट विज्ञापन स्थापित नहीं करता। विज्ञापन को समग्रता में देखना होगा। शो-कॉज़ नोटिस कार्यवाही की शुरुआत है। अंतिम निष्कर्ष नहीं। साल 2012 से चला आ रहा हैं यह अभियान। महाराष्ट्र में 2012 से गुटखा और तंबाकू युक्त पान मसाला पर प्रतिबंध है। जिसे सालाना नवीनीकृत किया जाता है। एफडीए के पूर्व आयुक्त महेश ज़गड़े ने बताया कि साल 2012 में उनके अभियान ने गुटखा कंपनियों को गणपति मंडलों की स्पॉन्सरशिप से भी दूर कर दिया था। जिससे कई मंडलों को नुकसान उठाना पड़ा । ज़गड़े ने कहा कि यदि ये विज्ञापन फिर से आ गए हैं तो बाद के आयुक्त सख्ती से क्रियान्वयन नहीं कर पाए। FDA की बड़ी कार्रवाई के आंकड़े देखें तो 25 मई से 31 जुलाई 2026 के बीच 658 प्रतिष्ठानों पर छापेमारी, ₹15.11 करोड़ से अधिक का माल जब्त,519 एफआईआर दर्ज,701 गिरफ्तारियां और 78 वाहन जब्त किए गए थे। जिनमें ₹6.6 करोड़ का माल था। 


दौरान अभिनेताओं का पुराना बचाव सामने आया। शाहरुख खान और अजय देवगन के पुराने बयान फिर से सामने आए हैं। शाहरुख खान ने साल 2006 में कहा था कि आप कुछ उत्पादों को नहीं रोक रहे क्योंकि वे सरकार के लिए राजस्व स्रोत हैं फिर मेरी कमाई मत रोकिए मैं एक अभिनेता हूँ और मुझे काम करना है। अजय देवगन ने कहा था कि यह व्यक्तिगत पसंद है अगर यह इतना हानिकारक है तो इसे बेचना ही नहीं चाहिए। मैं इलायची का विज्ञापन कर रहा था। आगे क्या?वह समझे तो तीनों अभिनेताओं को 15 दिनों के भीतर लिखित जवाब देना है। एफडीए चाहे तो व्यक्तिगत सुनवाई भी कर सकती है। यह मामला सरोगेट एडवरटाइजिंग,स्टार एंडोर्समेंट की जिम्मेदारी और सार्वजनिक स्वास्थ्य के बीच संतुलन पर व्यापक बहस को जन्म दे सकता है।(Photos Courtesy Social media and AI)

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