*दक्षिण मुंबई पत्रकार संघ के कार्यक्रम में रामदास आठवले का ऐलान“गोली खानी पड़े तो भी पीछे नहीं हटेंगे”,बच्चों और पत्रकारों को वितरित की गईं नोटबुक व रेनकोट*/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई

*दक्षिण मुंबई पत्रकार संघ के कार्यक्रम में रामदास आठवले का ऐलान“गोली खानी पड़े तो भी पीछे नहीं हटेंगे”,बच्चों और पत्रकारों को वितरित की गईं नोटबुक व रेनकोट*/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई 


(मुंबई/रिपोर्ट स्पर्श देसाई)मुंबई के दक्षिण भाग में "मराठी पत्रकार संघ"के सभागार में "दक्षिण मुंबई पत्रकार संघ" के तत्वावधान में एक भव्य आयोजन संपन्न हुआ। जिसमें वरिष्ठ पत्रकारों एवं समाजसेवियों व बच्चों की उपस्थिति रही। इस अवसर पर "केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्यमंत्री" तथा"रिपब्लिक पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले गुट)" के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामदास आठवले ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम की अध्यक्षता दक्षिण मुंबई मराठी पत्रकार संघ के नेतृत्व में की गई। जहाँ पत्रकारों को रेनकोट एवं उपस्थित छोटे बच्चों को नोटबुक एवं कॉपियाँ वितरित की गईं।


 इस अवसर पर आयोजक मंडल में कुमारी प्रियंका सिंह,सलीम खातिब,रवि भोजने,दिनेश मराठे,उदय कसारे,सलीम सैयद एवं रजनी गुप्ता सहित अनेक पत्रकार व कार्यकर्ता उपस्थित थे। रिपब्लिक पार्टी के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के साथ-साथ बड़ी संख्या में स्थानीय पत्रकार भी इस समारोह में शामिल हुए। रामदास आठवले का संबोधन देखें तो बच्चों को संबोधित करते हुए रामदास आठवले ने कहा कि मैं छोटा था और आज बड़ा हुआ हूं इसलिए छोटे लोगों को कभी छोटा नहीं कह सकता।


 मैं बड़ी पार्टी से हूँ लेकिन छोटे लोगों को कभी तुच्छ नहीं माना। इसी सोच के साथ आज मैं बच्चों को नोटबुक और पत्रकारों को रेनकोट देने यहाँ आया हूँ। उन्होंने कहा कि समाज के वंचित,गरीब और कमजोर वर्गों को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष व आंदोलन अत्यंत आवश्यक हैं। जब तक हम आगे नहीं बढ़ेंगे,न्याय नहीं मिलेगा। चाहे लाठी खानी पड़े या गोली हम पीछे नहीं हटेंगे। न्याय के लिए आंदोलन ही एकमात्र रास्ता है। उन्होंने जोरदार शब्दों में कहा। 


पत्रकारों की भूमिका की सराहना के मद्देनजर आठवले ने मीडिया की अहमियत को रेखांकित करते हुए कहा कि छोटे-बड़े सभी समाचार पत्रों के पत्रकार सीमित संसाधनों में भी जनता के मुद्दे उठाते रहते हैं। उन्हें समय पर मानधन न मिलने के बावजूद वे जनसमस्याओं को सरकार व समाज के समक्ष रखने का काम करते हैं। उन्होंने पत्रकारों की इस समर्पण भावना की प्रशंसा की और कहा कि आपकी भावना बहुत बड़ी है। आपका मन बहुत बड़ा है। 


उन्होंने सभी धर्मों एवं वर्गों को साथ लेने की अपील भी की । इस दौरान उन्होंने कार्यकारिणी के पदाधिकारियों सबा निजामी,  विवेक राय,तुषार गायकवाड़,रविंद्र भोजने, दिनेश मराठे, प्रियंका सिंह (जिन्हें उन्होंने प्रियंका चोपड़ा से तुलना करते हुए सराहा) एवं रजनी गुप्ता का विशेष उल्लेख किया। 




उन्होंने कहा कि यहाँ हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई,लिंगायत,जैन सभी धर्मों एवं जातियों के लोगों को न्याय देना ही उनका लक्ष्य है। उनका छोटे बच्चों को संदेश देखें तो छोटे बच्चों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बड़े होकर अच्छे कार्य करना। आम आदमी बनो, डॉक्टर बनो,वकील बनो लेकिन हमेशा ईमानदारी से अपना कर्तव्य निभाओ। आखिर समापन में अपने भावपूर्ण संबोधन के अंत में उन्होंने सभी पत्रकारों, कार्यकर्ताओं एवं उपस्थित जनसमूह को हार्दिक धन्यवाद दिया और “प्रणाम, नमस्कार,जय भीम, जय भारत,जय महाराष्ट्र” के नारे के साथ अपनी बात समाप्त की।(Photos Courtesy Social media and AI)

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