*FIFA World Cup 2026: अमेरिका में स्पेन की ₹481 करोड़ की इनामी राशि पर 30% टैक्स, खिलाड़ियों को भी देना होगा कर*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई

*FIFA World Cup 2026: अमेरिका में स्पेन की ₹481 करोड़ की इनामी राशि पर 30% टैक्स, खिलाड़ियों को भी देना होगा कर*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई 


(मुंबई/रिपोर्ट स्पर्श देसाई) स्पेन की ₹481 करोड़ की फीफा विश्व कप इनाम राशि से 30% तक टैक्स वसूल सकता है अमेरिका ऐसी खबर आई है। फीफा वर्ल्ड कप-2026 की विजेता स्पेन को अपनी $50 मिलियन (₹481 करोड़) की इनाम राशि का 30% तक अमेरिका को टैक्स के रूप में देना पड़ सकता है। दरअसल अमेरिका में होने वालीं गतिविधियों की कमाई पर आईआरएस आमतौर पर टैक्स लगाता है। ''फॉर्च्यून'' के अनुसार 2010 से फीफा को मेज़बान देशों से लगातार टैक्स में छूट मिलती रही है। स्पेन की अमेरिका के साथ डबल टैक्सेशन डील है। स्पेन की World Cup जीत पर 30% टैक्स का झटका?अमेरिका के IRS ने बढ़ाई चिंता, जानें किन देशों को होगा सबसे ज्यादा नुकसान। फीफा वर्ल्ड कप 2026 की विजेता टीम स्पेन को अपनी शानदार जीत के बाद एक बड़े कर झटके का सामना करना पड़ सकता है। अमेरिका में आयोजित इस टूर्नामेंट की 50 मिलियन डॉलर (करीब ₹481 करोड़) की इनामी राशि पर अमेरिकी कर विभाग (IRS) 30% तक टैक्स वसूल सकता है। यह नियम अमेरिकी धरती पर होने वाली किसी भी आय पर लागू होता है। 





जिसमें विदेशी एथलीटों और संघों द्वारा अर्जित की गई कमाई भी शामिल है । क्या स्पेन को पूरा 30% टैक्स देना होगा? स्पेन के लिए राहत की बात यह है कि अमेरिका के साथ उसकी दोहरे कराधान से बचाव की संधि (Double Taxation Avoidance Agreement) है हालांकि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि यह संधि इनामी राशि पर कितनी राहत दे सकती है । सामान्यतः विदेशी गैर-निवासी एथलीटों पर उनकी अमेरिकी स्रोत आय पर 30% की दर से संघीय कर कटौती (Withholding) लागू होती है। जब तक कि कर संधि कम दर या छूट न प्रदान करे । किन देशों को होगा सबसे ज्यादा नुकसान? वह जाने तो वर्ल्ड कप के 48 में से केवल 18 देशों के पास अमेरिका के साथ कर संधि है । इसका सीधा मतलब है कि ब्राजील,अर्जेंटीना, जापान,दक्षिण कोरिया,नाइजीरिया जैसे देशों को बिना किसी छूट के पूरा 30% टैक्स चुकाना पड़ सकता है । 



यह उन फुटबॉल संघों के लिए बड़ा वित्तीय झटका होगा जो छोटे देशों से आते हैं । क्या खिलाड़ियों को भी टैक्स देना होगा? उस बात को जाने तो यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि कर संधियों का लाभ मुख्य रूप से फुटबॉल संघों और आधिकारिक प्रतिनिधिमंडलों को होता है। न कि व्यक्तिगत खिलाड़ियों को। खिलाड़ियों, कोचों और सपोर्ट स्टाफ को अपनी व्यक्तिगत आय जैसे बोनस, प्रायोजन शुल्क पर अमेरिका में कर देना होगा। भले ही उनके देश की संधि हो हालांकि केंद्रीय कटौती समझौता (Central Withholding Agreement - CWA) जैसी व्यवस्थाओं के तहत वे कर की दर को कम करने का प्रयास कर सकते हैं । ऐतिहासिक परंपरा से अलग है अमेरिका का रुख देखें तो आमतौर पर फीफा विश्व कप के मेजबान देश जैसे रूस,ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका टूर्नामेंट से संबंधित आय पर कर छूट प्रदान करते रहे हैं  लेकिन अमेरिका ने इस बार कोई व्यापक छूट नहीं दी है हालांकि फीफा को स्वयं संघीय कर से छूट दी गई है । इससे विदेशी प्रतिभागियों के लिए कर दायित्व एक जटिल समस्या बन गया है। कनाडा और मेक्सिको जो सह-मेजबान हैं। ने भी अपने-अपने स्तर पर अलग- अलग कर व्यवस्थाएं लागू की हैं । इस पूरे मामले को देखते हुए स्पेन और अन्य देशों की वास्तविक टैक्स देनदारी अब कर संधियों की बारीकियों,राज्य-स्तरीय करों जैसे कैलिफोर्निया में 13.3% ''जॉक टैक्स''और आय के वर्गीकरण पर निर्भर करेगी।(Photos Courtesy Social media and AI)

~ब्यूरो रिपोर्ट स्पर्श देसाई√♪ Metro City Post• Digital World• #FIFAWorldCup2026 #Spain #USTax #IRS #TaxOnSports #FIFA #FootballNews #SportsFinance #DoubleTaxation #WorldCupPrize #BreakingNews #SportsTax #SpainFootball #LaRoja #InternationalTax

Comments

Popular posts from this blog

*पहला विश्व युद्ध: भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का निर्णायक मोड़,विश्व इतिहास की वह भीषण त्रासदी जिसने भारत के स्वतंत्रता संघर्ष को नई दिशा दी*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई

*कोलकाता के हुगली के किनारे बसा अंग्रेजी साम्राज्य: सन1690 में जब कोलकाता बना एशिया का व्यापारिक दिल*/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई

*साल1971 का वह रहस्य:जब PNS गाजी की ट्रैकिंग ने बदल दी थी जंग की दिशा,जानिए कैसे हुआ था विक्रांत का बचाव?*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई