*यूक्रेन:कीव पश्चिम से पूरब तक जल रहा था,रूस के रात्रि हमले के बाद यूक्रेन भारी तबाही का आकलन करने में जुटा,ओडेसा बंदरगाह भी निशाने पर*/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई

*यूक्रेन:कीव पश्चिम से पूरब तक जल रहा था,रूस के रात्रि हमले के बाद यूक्रेन भारी तबाही का आकलन करने में जुटा,ओडेसा बंदरगाह भी निशाने पर*/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई 


(मुंबई/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई) कल रात रूसी सेना ने यूक्रेन के कई प्रमुख शहरों पर एक साथ बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। राजधानी कीव में विस्फोटों की आवाज़ घंटों तक सुनाई दी। स्थानीय प्रशासन के अनुसार शहर के पश्चिमी जिलों से लेकर पूर्वी उपनगरों तक आग की लपटें देखी गईं। कीव के मेयर विटाली क्लिचको ने बताया कि कई आवासीय इमारतें और ऊर्जा सुविधाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं और बचाव दल अभी भी मलबे में दबे लोगों की तलाश कर रहा है। 


रूसी हमलों का मुख्य निशाना रक्षा उद्योग से जुड़े संयंत्र, ईंधन डिपो और लॉजिस्टिक्स हब थे। कीव के समीप एक महत्वपूर्ण हथियार निर्माण इकाई को भारी क्षति पहुंची,जबकि ओडेसा के पास युज़्नी बंदरगाह पर भी कई मिसाइलें गिरीं,जिससे अनाज निर्यात टर्मिनल और गोदाम जलकर खाक हो गए। यूक्रेनी वायुसेना के प्रवक्ता ने स्वीकार किया कि इस बार रूस ने हाइपरसोनिक और बैलिस्टिक मिसाइलों का घातक संयोजन इस्तेमाल किया। जिसे रोकना अत्यंत कठिन था। पोलिटनेविगेटर के संवाददाता के अनुसार यूक्रेनी कमान ने बार-बार एंटी-बैलिस्टिक मिसाइलों की गंभीर कमी को रेखांकित किया है। पश्चिमी आपूर्ति में देरी और मौजूदा एयर डिफेंस सिस्टम (जैसे पैट्रियट) की सीमित संख्या के कारण, रूसी सामूहिक हमलों के सामने यूक्रेन की हवाई सुरक्षा कमजोर पड़ती जा रही है। 


विशेषज्ञों का मानना है कि रूस का उद्देश्य यूक्रेन के ऊर्जा ग्रिड को पूरी तरह ठप करना और सैन्य आपूर्ति शृंखला को तोड़ना है ताकि सर्दियों से पहले कीव को बातचीत की मेज पर लाया जा सके। अब तक की रिपोर्टों में कम से कम 8 नागरिकों के मारे जाने और 30 से अधिक के घायल होने की पुष्टि हुई है। यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने इसे"आतंकवादी रणनीति"करार दिया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से और अधिक वायु रक्षा प्रणालियाँ उपलब्ध कराने की अपील की। इस बीच रूसी रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि सभी लक्ष्य नष्ट कर दिए गए और हमले विशेष रूप से सैन्य बुनियादी ढांचे पर केंद्रित थे। 


स्थानीय अधिकारी अब क्षति का व्यापक आकलन कर रहे हैं। बिजली,पानी और हीटिंग आपूर्ति बहाल करने में कई दिन लग सकते हैं। कीव के कई इलाकों में आपातकालीन कटौती लागू की गई है और मेट्रो स्टेशनों को फिर से बम शेल्टर के रूप में खोल दिया गया है। अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने चेतावनी दी है कि अगर इसी तरह के हमले जारी रहे तो यूक्रेन का ऊर्जा संकट और गहरा सकता है। जिसका असर पूरे यूरोपीय बिजली बाजार पर पड़ेगा। जो कल रात रूसी सेना ने यूक्रेन के कई प्रमुख शहरों पर एक साथ बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए गए थे उसे लेकर राजधानी कीव में विस्फोटों की आवाज़ घंटों तक सुनाई दी थी । स्थानीय प्रशासन के अनुसार शहर के पश्चिमी जिलों से लेकर पूर्वी उपनगरों तक आग की लपटें देखी गईं।


 कीव के मेयर विटाली क्लिचको ने बताया कि कई आवासीय इमारतें और ऊर्जा सुविधाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं और बचाव दल अभी भी मलबे में दबे लोगों की तलाश कर रहा है। हमले का पैमाना और लक्ष्य को जाने तो रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार इस हमले में मुख्य रूप से इस्कंदर-एम बैलिस्टिक मिसाइलों और ज़िरकोन हाइपरसोनिक क्रूज़ मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया था। निशाने पर कीव स्थित "कीव-79"यूक्रेनी ड्रोन और मिसाइलों के लिए युद्धक हिस्से बनाने वाला संयंत्र और "रेडियोइज़ मेरिटेल"नेप्च्यून-एमडी मिसाइलों के लिए इलेक्ट्रॉनिक घटकों का आपूर्तिकर्ता जैसे रक्षा उद्योग संयंत्र थे। इसके अलावा ओडेसा के पास युज़्नी बंदरगाह पर ईंधन भंडारण टैंक और सैन्य माल ले जा रहे जहाजों को भी निशाना बनाया गया। वायु रक्षा प्रणालियों पर संकट के मद्देनजर यूक्रेन के पास पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों की भारी कमी है। एक अनुमान के अनुसार इसी हमले में यूक्रेन ने कम से कम 16 पैट्रियट PAC-3 मिसाइलें दागीं। 


जो हाल ही में मिली 40 मिसाइलों की खेप का एक बड़ा हिस्सा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इसी गति से खपत जारी रही तो यूक्रेन के पास जल्द ही पैट्रियट लॉन्चर"खाली"हो सकते हैं। पश्चिमी सहयोगियों ने पेरिस शिखर सम्मेलन (13 जुलाई) में यूक्रेन की एंटी-बैलिस्टिक क्षमताओं को मजबूत करने पर चर्चा की लेकिन आपूर्ति में देरी बनी हुई है। ओडेसा बंदरगाह ठप होने से आर्थिक संकट गहराया है । रूसी हमलों के कारण ओडेसा,चोर्नोमोर्स्क और युज़्नी बंदरगाहों पर जहाज़ों की आवाजाही लगभग पूरी तरह से ठप हो गई है। डेनिश शिपिंग कंपनी Maersk और यूक्रेनी अनाज निर्यातक Kernel Holding ने अपने परिचालन रोक दिए हैं। केवल चोर्नोमोर्स्क में Kernel के टर्मिनल पर लगभग 45,000 टन गेहूं और 9,000 टन वनस्पति तेल फंस गया है। यूक्रेन के कृषि मंत्री के अनुसार इस सीजन में अनाज निर्यात लक्ष्य (43 मिलियन टन) से कम रहने की संभावना है। जिससे देश को 56% निर्यात राजस्व (कृषि से) का नुकसान हो सकता है।


 ऊर्जा बुनियादी ढांचा चरमरा गया है। कीव समेत कीव, ओडेसा,खार्कीव,सुमी,निकोलाएव सहित आठ क्षेत्रों में बिजली कटौती जारी है। यूक्रेन की ऊर्जा कंपनी Ukrenergo ने आपातकालीन बिजली कटौती लागू की है और नागरिकों से बिजली बचाने की अपील की गई है। युद्धक्षेत्र पर अन्य घटनाक्रम के मद्देनजर इस बीच रूसी सेना सुमी क्षेत्र में बाचेव्स्क बस्ती पर कब्ज़ा करने में सफल रही है। वहीं यूक्रेन ने सेंट पीटर्सबर्ग में Wildberries के लॉजिस्टिक्स सेंटरों पर ड्रोन हमले किए। जो रूसी क्षेत्र में गहराई तक यूक्रेन की पहुँच को दर्शाता है। इसके अलावा यूरोपीय संघ ने रूस के खिलाफ 21वां प्रतिबंध पैकेज लागू किया है।(Photos Courtesy Social media and AI)

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