*यूक्रेन:कीव पश्चिम से पूरब तक जल रहा था,रूस के रात्रि हमले के बाद यूक्रेन भारी तबाही का आकलन करने में जुटा,ओडेसा बंदरगाह भी निशाने पर*/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई
*पहला विश्व युद्ध: भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का निर्णायक मोड़,विश्व इतिहास की वह भीषण त्रासदी जिसने भारत के स्वतंत्रता संघर्ष को नई दिशा दी*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई
*पहला विश्व युद्ध: भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का निर्णायक मोड़,विश्व इतिहास की वह भीषण त्रासदी जिसने भारत के स्वतंत्रता संघर्ष को नई दिशा दी*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई (मुंबई रिपोर्ट स्पर्श देसाई) पहले युद्ध ने बदल दी थी भारतीय राजनीति की दिशा। प्रथम विश्व युद्ध का भारतीय राष्ट्रवाद पर प्रभाव के मद्देनजर प्रथम विश्व युद्ध ने राजनीतिक मोहभंग,आर्थिक कठिनाई और सामाजिक जागृति के माध्यम से भारतीय राष्ट्रवाद को काफी प्रभावित किया था। युद्ध में भारत के महत्वपूर्ण योगदान के बावजूद वादे के मुताबिक राजनीतिक रियायतें न मिलने से व्यापक असंतोष फैल गया था। इस अवधि ने जन लामबंदी और अधिक उग्र उपनिवेश- विरोधी आंदोलन की ओर एक बदलाव को चिह्नित किया था। जिससे राष्ट्रीय संघर्ष को नया स्वरूप मिला था। पहला विश्व युद्ध ( 1914-1918 ) यद्यपि मुख्यतः यूरोपीय संघर्ष था। भारतीय राष्ट्रवाद के लिए उत्प्रेरक सिद्ध हुआ था। साम्राज्य की युद्धकालीन आवश्यकता ओं ने भारत की सामरिक महत्ता को उजागर किया और औपनिवेशिक शासन के अंतर्निहित विरोधाभासों को उद्घाटित कर दिया था। इस युद्ध ने भारत को वैश्विक मंच पर स्थापित किया था और स्वश...
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