*रहस्य:सिंधु की गहराइयों और खैबर की गुफाओं में दफन है नादिर शाह का खोया खजाना*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई
*रहस्य:सिंधु की गहराइयों और खैबर की गुफाओं में दफन है नादिर शाह का खोया खजाना*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई
(मुंबई /रिपोर्ट स्पर्श देसाई) सन1739 में फारस के शासक नादिर शाह ने दिल्ली पर ऐसा हमला किया। जिसने मुगल साम्राज्य की रीढ़ तोड़ दी। 20 मार्च 1739 को जब वह शाहजहाँ के लाल किले में दाखिल हुआ तो उसने मुगलों की सदियों पुरानी संपत्ति को लूटना शुरू कर दिया। इतिहासकारों के अनुसार उसकी लूट का कुल मूल्य लगभग 70 करोड़ रुपये (तत्कालीन मूल्य) आंका गया था। जिसमें 30 करोड़ सोने-चांदी और नकद 25 करोड़ के रत्न और 9 करोड़ का मयूर सिंहासन शामिल था । खैबरघाट के पहाड़ों में बिखर गया कारवां। नादिर शाह का काफिला जब खैबर दर्रे से होकर गुजर रहा था।
तभी स्थानीय कबीलों ने अचानक हमला बोल दिया । इतिहासकार सर मोर्टिमर डूरंड के अनुसार उस मार्च के दौरान कई जानवर भूख और ठंड से मर गए और बहुत सा सामान रास्ते में ही खो गया । सिंधु नदी के उफान और बारिश ने इस मुश्किल को और बढ़ा दिया। कोहिनूर का नामकरण और खजाने का बिखरना। कहा जाता है कि नादिर शाह ने जब उस विशाल हीरे को देखा तो फारसी में कहा "कोह-ए-नूर" (माउंटेन ऑफ लाइट-रोशनी का पहाड़) । यह हीरा मयूर सिंहासन पर जड़ा था। जिसे शाहजहाँ ने 2 करोड़ रुपये में बनवाया था । दिल्ली में 57 दिन रहने के बाद नादिर शाह 5 मई 1739 को वापस लौटा। उसने मुगल सम्राट मुहम्मद शाह को फिर से ताज पहनाया लेकिन सिंधु नदी के पश्चिम के सभी प्रांत कश्मीर से सिंध तक अपने साम्राज्य में मिला लिए ।
खजाने का आज का मूल्य और रहस्य जाने तो अगर आज के हिसाब से देखें तो 70 करोड़ रुपये (तत्कालीन मूल्य)आज अरबों में होगा। इसके अलावा 300 हाथी,10,000 घोड़े और उतने ही ऊंट भी लूट में शामिल थे। नादिर शाह सन 1747 में अपने ही सैनिकों द्वारा मारा गया था । उसकी मृत्यु के बाद खजाने का राज हमेशा के लिए बिखर गया। कोहिनूर उसके अफगान सेनापति अहमद शाह अब्दाली के पास गया फिर महाराजा रणजीत सिंह के पास और अंततः सन1849 में ब्रिटिशों के पास । क्या आज भी मिल सकता है खजाना?सदियां बीत गईं लेकिन सिंधु नदी और खैबर की पहाड़ियों में दफन वह सोना आज भी किसी जांबाज खोजी की राह देख रहा है। दौरान सन1933 में जब अफगानिस्तान के राजा नादिर शाह की हत्या हुई तो भारत सरकार ने खैबर दर्रे को बंद कर दिया था । यह दिखाता है कि यह क्षेत्र आज भी रणनीतिक और रहस्यमयी बना हुआ है । (Photos Courtesy Social media and AI)
~ब्यूरो रिपोर्ट स्पर्श देसाई √•Metro City Post• Digital World•#NadirShah #Kohinoor #PeacockThrone #MughalEmpire #DelhiHistory #KhyberPass #IndusRiver #TreasureHunt #HiddenTreasure #IndianHistory #LostTreasure #HistoricalMystery #सिंधुनदी #खैबरपहाड़ियाँ #नादिरशाह #कोहिनूर #मुगलसाम्राज्य #ऐतिहासिकरहस्य #भारतकाइतिहास #खोयाखजाना

















Comments