*स्तान देशों का महासंघ:अगर सात मुस्लिम देश मिलकर एक हो जाएं तो कैसा दिखेगा नया 'सुपरस्टेट'?*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई
*स्तान देशों का महासंघ:अगर सात मुस्लिम देश मिलकर एक हो जाएं तो कैसा दिखेगा नया 'सुपरस्टेट'?*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई
(मुंबई/रिपोर्ट स्पर्श देसाई)भौगोलिक और राजनीतिक दृष्टिकोण से दुनिया का नक्शा हमेशा बदलता रहा है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि अगर दुनिया के नक्शे से सात खास देशों की सीमाएं हट जाएं और वे सब मिलकर एक हो जाएं, तो क्या होगा? हम बात कर रहे हैं उन मुमालिक (देशों) की, जिनके नाम के आखिर में 'स्तान' शब्द आता है। फारसी भाषा में''स्तान'का अर्थ ''जगह'' या''भूमि''होता है। पाकिस्तान,अफगानिस्तान, कजाकिस्तान,उजबेकिस्तान,तुर्कमेनिस्तान, किर्गिस्तान और ताजिकिस्तान ये सात ऐसे देश हैं। जो भौगोलिक रूप से एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। आपके द्वारा बताए गए सातों देशों का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल लगभग 39.8 लाख वर्ग किमी है और इनमें सबसे बड़ा देश कजाकिस्तान है। कजाकिस्तान: 27.25 लाख वर्ग किमी - सबसे बड़ा है। तुर्कमेनिस्तान: लगभग 4.88 लाख वर्ग किमी है।
उज्बेकिस्तान: लगभग 4.47 लाख वर्ग किमी है।अफगानिस्तान: लगभग 6.52 लाख वर्ग किमी है।
पाकिस्तान: लगभग 7.96 लाख वर्ग किमी है।
किर्गिस्तान: लगभग 1.99 लाख वर्ग किमी है और
ताजिकिस्तान: लगभग 1.43 लाख वर्ग किमी है।
कुल क्षेत्रफल: 39,81,000 वर्ग किमी अलग-अलग स्रोतों के आंकड़ों के कारण थोड़ा अंतर हो सकता है। ये सभी आंकड़े अलग-अलग स्रोतों पर आधारित हैं इसलिए इनमें मामूली अंतर हो सकता है।
यदि ये तमाम मुमालिक मिलकर एक ही मुल्क (महासंघ) बन जाएं तो क्षेत्रफल (रकवे) के लिहाज से यह दुनिया का सातवां सबसे बड़ा देश बन जाएगा। यह नया महासंघ भारत के कुल क्षेत्रफल को भी पीछे छोड़ देगा। क्षेत्रफल और आबादी का नया समीकरण होगा। वर्तमान में दुनिया का सातवां सबसे बड़ा देश भारत है। जिसका क्षेत्रफल लगभग 32.8 लाख वर्ग किलोमीटर है। जब इन सात''स्तान'' देशों के क्षेत्रफल को आपस में जोड़ा जाता है, तो यह करीब 40 लाख वर्ग किलोमीटर से अधिक हो जाता है। इसमें अकेले कजाकिस्तान का क्षेत्रफल ही 27.2 लाख वर्ग किलोमीटर है। जो दुनिया का नौवां सबसे बड़ा देश है। जनसंख्या के मामले में भी यह नया मुल्क एक महाशक्ति बनकर उभरेगा। पाकिस्तान की भारी आबादी (लगभग 25 करोड़) और बाकी छह देशों की आबादी मिलकर इस नए महासंघ को दुनिया का तीसरा सबसे अधिक आबादी वाला देश बना देगी। आर्थिक और रणनीतिक ताकत के मद्देनजर इस काल्पनिक महासंघ के पास दुनिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक संसाधनों का भंडार होगा। ऊर्जा का गढ़ कजाकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान के पास तेल और प्राकृतिक गैस का विशाल भंडार है। परमाणु शक्ति के मद्देनजर पाकिस्तान के रूप में इस नए देश के पास परमाणु हथियार की ताकत होगी। ट्रेड रूट के हिसाब से यह देश यूरोप,एशिया और मध्य पूर्व के बीच व्यापार का सबसे मुख्य केंद्र (हब) बन जाएगा हालाँकि इस महासंघ को व्यावहारिक रूप देने में बड़ी चुनौतियाँ भी होंगी। इन देशों की भाषाएं, संस्कृतियां और राजनीतिक व्यवस्थाएं काफी अलग हैं।
जहां पाकिस्तान और अफगानिस्तान गंभीर आर्थिक और सुरक्षा चुनौतियों से जूझ रहे हैं। वहीं मध्य एशियाई देश जैसे कजाकिस्तान और उजबेकिस्तान आर्थिक रूप से अधिक स्थिर हैं। बहरहाल यह केवल एक भौगोलिक कयास है लेकिन अगर ऐसा कभी हकीकत में बदलता है तो यह ''सुपरस्टेट'' वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था का रुख पूरी तरह बदलने का दम रखता है।"स्तान"देशों के महासंघ के मद्देनजर अगर सात मुस्लिम देश मिलकर एक हो जाएं तो कैसा दिखेगा नया ''सुपरस्टेट''? वह समझे तो भौगोलिक और राजनीतिक दृष्टिकोण से दुनिया का नक्शा हमेशा बदलता रहा है लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि अगर दुनिया के नक्शे से सात खास देशों की सीमाएं हट जाएं और वे सब मिलकर एक हो जाएं तो क्या होगा? हम बात कर रहे हैं उन मुमालिक देशों की। जिनके नाम के आखिर में''स्तान'' शब्द आता है। फारसी भाषा में''स्तान''का अर्थ ''जगह''या''भूमि''होता है। पाकिस्तान,अफगानिस्तान, कजाकिस्तान, उजबेकिस्तान,तुर्कमेनिस्तान,किर्गिस्तान और ताजिकिस्तान ये सात ऐसे देश हैं। जो भौगोलिक रूप से एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। यदि ये तमाम मुमालिक मिलकर एक ही मुल्क (महासंघ)"यूनाइटेड आफ स्टैन"बन जाएं तो क्षेत्रफल (रकवे) के लिहाज से यह दुनिया का सातवां सबसे बड़ा देश बन जाएगा। यह नया महासंघ भारत के कुल क्षेत्रफल को भी पीछे छोड़ देगा। क्षेत्रफल और आबादी का नया समीकरण देखें तो वर्तमान में दुनिया का सातवां सबसे बड़ा देश भारत है। जिसका क्षेत्रफल लगभग 32.8 लाख वर्ग किलोमीटर है। जब इन सात ''स्तान'' देशों के क्षेत्रफल को आपस में जोड़ा जाता है तो यह करीब 40 लाख वर्ग किलोमीटर से अधिक हो जाता है। इसमें अकेले कजाकिस्तान का क्षेत्रफल ही 27.2 लाख वर्ग किलोमीटर है। जो दुनिया का नौवां सबसे बड़ा देश है। जनसंख्या के मामले में भी यह नया मुल्क एक महाशक्ति बनकर उभरेगा। पाकिस्तान की भारी आबादी लगभग 25 करोड़ और बाकी छह देशों की आबादी मिलकर इस नए महासंघ को दुनिया का तीसरा सबसे अधिक आबादी वाला देश बना देगी और आर्थिक और रणनीतिक ताकत के मद्देनजर इस काल्पनिक महासंघ के पास दुनिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक संसाधनों का भंडार होगा। ऊर्जा का गढ़ कजाकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान के पास तेल और प्राकृतिक गैस का विशाल भंडार है। परमाणु शक्ति के हिसाब से पाकिस्तान के रूप में इस नए देश के पास परमाणु हथियार की ताकत होगी।
ट्रेड रूट के मद्देनजर यदि पाकिस्तान और मध्य एशिया के सभी देश छह अफगानिस्तान, कजाकिस्तान, उजबेकिस्तान,तुर्कमेनिस्तान, किर्गिस्तान और ताजिकिस्तान आपस में मिलकर एक विशाल महासंघ (Confederation/ Union) बना लेते हैं तो भू-राजनीतिक और आर्थिक रूप से यह दुनिया का एक बेहद शक्तिशाली ब्लॉक उभर कर सामने आएगा। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और विश्व बैंक (World Bank) के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार इस संभावित महासंघ की कुल जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) का विस्तृत लेखा-जोखा के मद्देनजर सभी देशों की व्यक्तिगत जीडीपी (नामिनल / Nominal GDP) अद्यतन आंकड़ों के आधार पर इन सातों मुल्कों की जीडीपी इस प्रकार है।जिसकी अनुमानित नॉमिनल जीडीपी (लगभग) कजाकिस्तान (Kazakhstan) $360.46 बिलियन, पाकिस्तान (Pakistan) $452.10 बिलियन, उजबेकिस्तान (Uzbekistan) $110.00 बिलियन से अधिक, तुर्कमेनिस्तान (Turkmenistan) $68.70 बिलियन,
अफगानिस्तान (Afghanistan) $19.66 बिलियन,किर्गिस्तान (Kyrgyzstan)$10.90 बिलियन और ताजिकिस्तान (Tajikistan) $20.42 बिलियन । महासंघ की कुल संयुक्त जीडीपी (Total Combined GDP)नॉमिनल जीडीपी (Nominal GDP) इन सभी सातों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को जोड़ने पर इस महासंघ की कुल नॉमिनल जीडीपी लगभग $1.04 ट्रिलियन (1,040 अरब अमेरिकी डॉलर)से अधिक बैठती है। पीपीपी के आधार पर जीडीपी (Purchasing Power Parity-PPP) यदि क्रय शक्ति समानता (पीपीपी) के आधार पर आकलन किया जाए तो पाकिस्तान की बड़ी पीपीपी जीडीपी ($2.16 ट्रिलियन) और मध्य एशिया के अन्य देशों के मिलने से यह आंकड़ा $3.5 ट्रिलियन से $4 ट्रिलियन के आसपास पहुंच जाएगा। वैश्विक रैंकिंग में स्थान के मद्देनजर नॉमिनल जीडीपी के लिहाज से लगभग 1 ट्रिलियन डॉलर से अधिक की अर्थव्यवस्था के साथ यह नया महासंघ वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं की सूची में सीधे टारगेटेड टॉप-20 लगभग16वें या 17वें स्थान देशों में शामिल हो जाएगा। जो कई यूरोपीय देशों जैसे नीदरलैंड, स्विट्जरलैंड, या सऊदी अरब के आसपास को टक्कर देगा। क्षेत्रफल (Area)जैसा कि आगे उल्लेख किया गया उसके हिसाब से रूस,कनाडा,चीन, अमेरिका,ब्राजील और ऑस्ट्रेलिया के बाद यह दुनिया का सातवां सबसे बड़ा देश बन जाएगा। जिसका कुल क्षेत्रफल लगभग 40 लाख वर्ग किलोमीटर से अधिक होगा। इस महासंघ की आर्थिक ताकत और विशेषताएं (Economic Strengths)यदि यह महासंघ बनता है तो यह केवल कागजी आंकड़ों तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि वैश्विक बाजार में इसकी एक सामरिक और आर्थिक monopoly (एकाधिकार) होगी। प्राकृतिक गैस और ऊर्जा भंडार के हिसाब से तुर्कमेनिस्तान और कजाकिस्तान के पास प्राकृतिक गैस और कच्चे तेल के दुनिया के सबसे विशाल भंडारों में से एक हैं।
वहीं कजाकिस्तान यूरेनियम उत्पादन में दुनिया में सबसे आगे है।खनिज और संपदा के मद्देनजर मध्य एशिया और पाकिस्तान के पहाड़ी क्षेत्रों जैसे ताजिकिस्तान और किर्गिस्तान की हाइड्रो-पॉवर क्षमता और दुर्लभ खनिज मिलकर इसे ऊर्जा और खनिजों के मामले में आत्मनिर्भर बना सकते हैं। व्यापारिक गलियारे (Trade Corridors) के हिसाब से इस महासंघ के पास अरब सागर पाकिस्तान के ग्वादर और कराची बंदरगाह से लेकर चीन,रूस और यूरोप तक सीधे जमीन और समुद्र के रास्ते व्यापार करने की अभूतपूर्व क्षमता होगी। आंकड़ों के लिहाज से यह महासंघ 1 ट्रिलियन डॉलर (Nominal) और 3.5+ ट्रिलियन डॉलर (PPP) की जीडीपी वाला एक मजबूत क्षेत्रीय ब्लॉक बनेगा हालांकि आंतरिक राजनीतिक स्थिरता,सुरक्षा चुनौतियों और अलग-अलग आर्थिक नीतियों के कारण इसे एक सुसंगत अर्थव्यवस्था के रूप में ढालना एक बड़ी चुनौती होगी लेकिन संसाधनों के मामले में यह दुनिया के सबसे अमीर भू-भागों में से एक होगा। यह देश यूरोप,एशिया और मध्य पूर्व के बीच व्यापार का सबसे मुख्य केंद्र (हब) बन जाएगा हालाँकि इस महासंघ को व्यावहारिक रूप देने में बड़ी चुनौतियाँ भी होंगी। इन देशों की भाषाएं, संस्कृतियां और राजनीतिक व्यवस्थाएं काफी अलग हैं। जहां पाकिस्तान और अफगानिस्तान गंभीर आर्थिक और सुरक्षा चुनौतियों से जूझ रहे हैं। वहीं मध्य एशियाई देश जैसे कजाकिस्तान और उजबेकिस्तान आर्थिक रूप से अधिक स्थिर हैं।(Photos Courtesy Social media and AI)
~ब्यूरो रिपोर्ट स्पर्श देसाई √•Metro City Post• Digital World• #StanCountries
#Geopolitics#MegaNation
#CentralAsia#WorldMap
#स्तानदेश#भूराजनीति
#महासंघ#रोचकतथ्य#नयाइतिहास






Comments