*शेयर बाजार की अस्थिरता के बीच चीन वैश्विक वित्तीय रैंकिंग में पांचवें स्थान पर,फिनटेक में उम्मीद की किरण*/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई

*शेयर बाजार की अस्थिरता के बीच चीन वैश्विक वित्तीय रैंकिंग में पांचवें स्थान पर,फिनटेक में उम्मीद की किरण*/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई



(मुंबई/रिपोर्ट स्पर्श देसाई)शेयर बाज़ार की उथल-पुथल से चीन की गिरी वैश्विक वित्तीय रैंकिंग,सूची में 5वें स्थान पर पहुंचा। एक रिपोर्ट के मुताबिक शेयर बाज़ार में साल 2024 और 2025 के दौरान रही उथल-पुथल के चलते वैश्विक वित्तीय प्रतिस्पर्धा रैंकिंग में चीन एक स्थान फिसलकर पांचवें पायदान पर पहुंच गया है। अमेरिका, जापान,ब्रिटेन और जर्मनी क्रमशः पहले चार स्थानों पर रहे। यह रैंकिंग 31 देशों के वित्तीय क्षेत्र,मुद्रा,फिनटेक और वित्तीय बुनियादी ढांचे समेत पांच मानकों पर आधारित है। 


इस रिपोर्ट को बीजिंग में आयोजित "ग्लोबल डिजिटल इकोनॉमी कॉन्फ्रेंस 2026"के दौरान जारी किया गया। बीजिंग में 3 जुलाई 2026 को “2026 ग्लोबल डिजिटल इकोनॉमी कॉन्फ्रेंस” के दौरान आयोजित “डिजिटल फाइनेंस फोरम” में जारी "ग्लोबल फाइनेंशियल कॉम्पिटिटिवनेस रिपोर्ट 2026"के अनुसार वैश्विक वित्तीय प्रतिस्पर्धा रैंकिंग में चीन एक स्थान फिसलकर पांचवें पायदान पर आ गया है। चीनी अकादमी ऑफ सोशल साइंसेज (CASS) के विश्व अर्थव्यवस्था एवं राजनीति संस्थान के उप निदेशक लियू डोंगमिन ने रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि 31 देशों के मूल्यांकन में अमेरिका,जापान,ब्रिटेन और जर्मनी क्रमशः पहले चार स्थानों पर रहे। चीन का स्कोर 44.53 अंक रहा। जो चौथे स्थान पर जर्मनी से मात्र 0.09 अंक कम है। पांच मानकों पर आधारित मूल्यांकन के मद्देनजर यह रैंकिंग पांच प्रमुख मानकों पर आधारित है। उसे समझे तो
1. वित्तीय क्षेत्र प्रतिस्पर्धा के मद्देनजर चीन की अमेरिका से दूरी 15.3 अंक,सबसे कम अंतर है।
2. मुद्रा प्रतिस्पर्धा में अमेरिका से 89.52 अंक पीछे, सबसे बड़ा अंतर है।
3. वित्तीय बुनियादी ढाँचा यानि स्थिर प्रदर्शन।
4. फिनटेक प्रतिस्पर्धा को लेकर वैश्विक स्तर पर तीसरा स्थान।
5. अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय शासन के मद्देनजर एशियाई अवसंरचना निवेश बैंक (AIIB) में नए सदस्यों के शामिल होने से चीन की हिस्सेदारी में कमी के कारण मामूली गिरावट। दीर्घकालिक परिप्रेक्ष्य में साल 2021 से आठवें से पांचवें स्थान पर हालाँकि 2024-2025 के दौरान शेयर बाजार की अस्थिरता के कारण चीन एक स्थान फिसला है लेकिन दीर्घकालिक प्रगति उल्लेखनीय रही है। 




साल 2021 में पहली बार रिपोर्ट जारी होने के बाद से चीन आठवें स्थान से पांचवें स्थान पर पहुँचा है। पिछले पाँच वर्षों में शीर्ष दस देशों में केवल चीन और जापान ने ही महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की है। फिनटेक है चीन की ताकत। फिनटेक प्रतिस्पर्धा चीन का सबसे मजबूत पहलू है। वैश्विक रैंकिंग में तीसरा स्थान,ब्रिटेन (दूसरे स्थान) से अंतर बहुत कम। लगातार पाँचवें वर्ष अमेरिका के साथ फिनटेक अंतर कम करने वाला एकमात्र देश। कंप्यूटिंग पावर और दक्षता में वैश्विक स्तर पर दूसरा स्थान। बीजिंग लगातार आठवें वर्ष वैश्विक फिनटेक शहरों में शीर्ष पर और अगले 2-3 वर्षों में दूसरे स्थान पर पहुँचने की संभावना।



 लियू डोंगमिन के अनुसार किसी देश की वैश्विक वित्तीय प्रतिस्पर्धा काफी हद तक इस बात पर निर्भर करती है कि वह AI और ब्लॉकचेन को कितना जोड़ पाता है और इस मामले में चीन ने सबसे बड़े अवसर को भुनाया है । भविष्य की संभावनाएँ देखें तो विशेषज्ञों का मानना है कि यदि चीन मौजूदा फिनटेक गति बनाए रखता है तो अगले 2-3 वर्षों में वैश्विक फिनटेक रैंकिंग में दूसरे स्थान पर पहुँच सकता है। डिजिटल युआन का विस्तार और AI-संचालित वित्तीय सेवाएँ इस दिशा में प्रमुख कारक होंगे। (Photos Courtesy Social media and AI)

ब्यूरो रिपोर्ट स्पर्श देसाई√•Metro City Post •Digital World• #GlobalFinance #FinancialRanking #ChinaEconomy #Fintech #DigitalEconomy #GlobalFinancialCompetitiveness #GFCI2026 #BeijingConference #StockMarket #EconomicGrowth #ChinaFinancialSector #DigitalCurrency #AI #Blockchain #GlobalEconomy #FinancialServices #IndiaNews #HindiNews #BusinessNews #EconomyUpdates

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