*मानसून का कहर! देशभर में एकसाथ सक्रिय हैं 5 मौसम प्रणालियां,सैटेलाइट में दिखा भयानक रूप; मुंबई-महाराष्ट्र में रेड अलर्ट*/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई

*मानसून का कहर! देशभर में एकसाथ सक्रिय हैं 5 मौसम प्रणालियां,सैटेलाइट में दिखा भयानक रूप; मुंबई-महाराष्ट्र में रेड अलर्ट*/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई 


(मुंबई /रिपोर्ट स्पर्श देसाई) देश में मानसून ने पूरी ताकत दिखानी शुरू कर दी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक अगले 4-5 दिनों तक देशभर में मानसून जोरदार बना रहेगा क्योंकि एकसाथ पांच मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं। इन्हीं का नतीजा है कि देश के कई हिस्सों में भारी से अत्यंत भारी बारिश हो रही है और मौसम विभाग ने कई राज्यों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसी बीच ISRO के इनसैट-3DR सैटेलाइट से ली गई तस्वीरों में इन मौसम प्रणालियों का खतरनाक रूप साफ देखा जा सकता है। देश में भारी बारिश कराने के लिए एकसाथ काम कर रही 5 मौसम प्रणालियां। सैटेलाइट तस्वीर आई सामने। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक देश में अगले 4-5 दिनों तक मानसून ज़ोरदार बना रहेगा क्योंकि पांच मौसम प्रणालियां एक साथ सक्रिय हैं। इनमें सबसे मज़बूत कम दबाव का क्षेत्र उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी पर बना है। यह अगले तीन दिनों में उत्तर ओडिशा और उत्तर छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ेगा जिससे मध्य भारत में भारी बारिश होने की संभावना है। कौन सी हैं ये 5 मौसम प्रणालियां? उस पर एक नजर डालें तो IMD के अनुसार ये पांचों सिस्टम मिलकर देशभर में मानसूनी गतिविधियों को बढ़ावा दे रहे हैं । जैसे 

1. कम दबाव का क्षेत्र (बंगाल की खाड़ी) इन पांचों में सबसे मज़बूत सिस्टम उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी पर बना हुआ है। यह अगले तीन दिनों में उत्तर ओडिशा और उत्तर छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ेगा। जिससे मध्य भारत में भारी बारिश होगी।
2. मानसून ट्रफ (Monsoon Trough) देशभर में फैली निम्न दबाव की यह पट्टी सक्रिय है और अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर है। जो मध्य भारत में भारी बारिश के लिए अनुकूल है।
3. शीयर जोन (Shear Zone) 21 डिग्री उत्तरी अक्षांश पर बना यह क्षेत्र वायुमंडल में अशांति पैदा कर रहा है‌। जिससे बारिश के बादल और अधिक ऊंचाई तक बढ़ रहे हैं।
4. ऑफशोर ट्रफ (Offshore Trough) यह दक्षिण गुजरात से कर्नाटक तट तक फैली हुई है। जो अरब सागर से लगातार नमी खींचकर पश्चिमी तट पर बरसा रही है।
5. पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के मद्देनजर उत्तरी भारत पर बना यह सिस्टम पहाड़ी इलाकों और मैदानी हिस्सों में बारिश करा रहा है। 

सैटेलाइट तस्वीरों में क्या दिखा? वह समझे तो ISRO के इनसैट-3DR सैटेलाइट से ली गई तस्वीरों में अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों ओर विशाल बादलों का समूह दिखाई दे रहा है। इन्फ्रारेड तस्वीरों में बादलों के शीर्ष बेहद ठंडे और चमकदार सफेद दिख रहे हैं, जो गहरे संवहन और तीव्र तूफानी गतिविधि का संकेत देते हैं। अरब सागर की ओर से एक विशाल बादल प्रणाली कोंकण तट तक फैली हुई है। वहीं बंगाल की खाड़ी से एक और शक्तिशाली सिस्टम पश्चिम बंगाल,बांग्लादेश और पूर्वोत्तर राज्यों को कवर कर रहा है। मध्य भारत में कितनी बारिश होगी? वह देखें तो कम दबाव के क्षेत्र के उत्तर ओडिशा और उत्तर छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ने के कारण मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़,विदर्भओडिशा और आसपास के इलाकों में भारी से अत्यंत भारी बारिश की संभावना है। IMD ने कोंकण और गुजरात क्षेत्र में 7 जुलाई  मंगलवार तक मध्य महाराष्ट्र में 6 जुलाई तक और सौराष्ट्र व ओडिशा में 5 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश 24 घंटे में 20 सेंटीमीटर से अधिक की चेतावनी जारी की है।

 महाराष्ट्र और मुंबई का हाल आज  रविवार और कल सोमवार का पूर्वानुमान पर गौर करें तो महाराष्ट्र में मानसून का कहर देखने को मिल रहा है। महाबलेश्वर में 27 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि रायगढ़ के पोलादपुर में 22 सेंटीमीटर बारिश हुई। आज 5 जुलाई रविवार का हाल जानें तो मुंबई के लिए IMD ने रेड अलर्ट जारी किया है। विभाग ने बहुत भारी से अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी दी है। BMC के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में विक्रोली वेस्ट में सबसे अधिक 310.6 मिमी बारिश दर्ज की गई। कोलाबा पंपिंग स्टेशन पर 306.6 मिमी और विखरोली के टागोर नगर स्कूल में 301.8 मिमी बारिश हुई। आज दोपहर 3:22 बजे 4.19 मीटर की ऊंची ज्वार (हाई टाइड) आने की संभावना है। जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा और बढ़ गया है। मुंबई,ठाणे, पालघर, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग में भी रेड अलर्ट जारी किया गया है। कल 6 जुलाई सोमवार का पूर्वानुमान देखें तो IMD के मुताबिक 6 जुलाई को बारिश की तीव्रता में हल्की कमी आएगी लेकिन कुछ स्थानों पर अलग-अलग इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहेगी। मुंबई, ठाणे, पालघर और रायगढ़ के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

 कोंकण और मध्य महाराष्ट्र में 6 जुलाई तक अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। क्या सावधानियां बरतनी चाहिए? वह देखें तो मुंबई नगर निगम (BMC) ने नागरिकों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। आपात स्थिति में BMC हेल्पलाइन 1916 पर संपर्क किया जा सकता है। मछुआरों को 8 जुलाई तक अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के बड़े हिस्सों में न जाने की सलाह दी गई है। निचले इलाकों,पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और शहरी क्षेत्रों में जलभराव की संभावना को देखते हुए सतर्क रहने की जरूरत है। गौरतलब है कि जून में सुस्त रहने के बाद मानसून ने जुलाई में पूरी ताकत दिखाई है। इन पांच मौसम प्रणालियों ने पिछले एक सप्ताह में देश के बारिश की कमी (rainfall deficit) को 45% से घटाकर 28% करने में अहम भूमिका निभाई है हालांकि मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इनकी तीव्रता शहरी बाढ़,भूस्खलन और परिवहन सेवाओं में व्यवधान का खतरा पैदा कर रही है। यह रिपोर्ट 5 जुलाई 2026 तक उपलब्ध आधिकारिक सूचनाओं और IMD के पूर्वानुमानों पर आधारित है। 

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ऐसी बहु-प्रणाली वाली स्थितियां (Multi-system weather events) अक्सर बड़े पैमाने पर बारिश का कारण बनती हैं। उत्तर-पश्चिम भारत और मध्य भारत के बीच इन प्रणालियों का तालमेल मानसून ट्रफ (Monsoon Trough) को और अधिक सक्रिय कर देता है। जिससे बारिश का दायरा काफी बढ़ जाता है। (Photos Courtesy Social media and AI)

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