*बड़ी खबर ...इकोनॉमिक रिव्यू जून 2026 के अनुसार भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है लेकिन तीन बड़े खतरे*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई

*बड़ी खबर ...इकोनॉमिक रिव्यू जून 2026 के अनुसार भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है लेकिन तीन बड़े खतरे*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई


(मुंबई/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई)भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत पर 3 बड़े खतरे बढ़ा सकते हैं मुश्किलें। वित्त मंत्रालय की रिपोर्ट में बड़ा संकेत मिल रहा है। वित्त मंत्रालय की नई रिपोर्ट के मुताबिक भारत की अर्थव्यवस्था फिलहाल मजबूत बनी हुई है और महंगाई भी काबू में रहने की उम्मीद है लेकिन कमजोर मानसून,अल नीनो और वैश्विक तनाव आने वाले महीनों में विकास की रफ्तार और कीमतों पर असर डाल सकते हैं। 



भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत लेकिन इन 3 बड़े खतरों ने बढ़ाई है चिंता। ऐसा वित्त मंत्रालय की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी मंथली "इकोनॉमिक रिव्यू"(जून 2026) के अनुसार भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है लेकिन तीन बड़े खतरे आने वाले महीनों में विकास की रफ्तार और कीमतों पर नकारात्मक असर डाल सकते हैं। रिपोर्ट में 2025-26 के शानदार प्रदर्शन के बाद 2026-27 की शुरुआत भी अच्छी बताई गई है। अर्थव्यवस्था की मौजूदा मजबूती के मद्देनजर देखें तो रिपोर्ट के अनुसार कई हाई- फ्रीक्वेंसी इंडिकेटर्स मजबूती का संकेत दे रहे हैं। ई-वे बिल जनरेशन में बढ़ोतरी। पीएमआई (क्रय प्रबंधक सूचकांक) में वृद्धि और बिजली की खपत में तेजी। ऑटोमोबाइल की बिक्री में मजबूती और विनिर्माण और सेवा क्षेत्र की गतिविधियां जारी हालांकि कुछ संकेतकों में हल्की नरमी भी देखी गई है। कोर इंडस्ट्री की ग्रोथ,ईंधन की खपत,हवाई यात्रियों की संख्या और रोजगार से जुड़े कुछ संकेतकों में सुस्ती आई है।


 तीन बड़े खतरे वह कौन कौन से हैं वह देखें तो कमजोर मानसून और असमान बारिश को देखते हुए भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने संकेत दिया है कि 2026 के मानसून सीजन में ENSO न्यूट्रल स्थितियों से अल नीनो में बदलाव की संभावना है। कुल वर्षा दीर्घकालिक औसत का लगभग 92 प्रतिशत रहने का अनुमान है। इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। कृषि उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव । खाद्य महंगाई बढ़ने का खतरा और जलाशयों का स्तर घटना । देशभर में 100 से अधिक जलाशयों में औसत जल भंडारण मात्र 24 प्रतिशत रह गया है और बिजली उत्पादन और सिंचाई पर दबाव। 


अल नीनो का प्रभाव देखें तो रिपोर्ट में उभरती अल नीनो स्थितियों को प्रमुख जोखिम के रूप में चिन्हित किया गया है। अल नीनो आमतौर पर 9 से 12 महीने तक रहता है और इससे तापमान में वृद्धि और शुष्क स्थितियां पैदा होती हैं। फसल उत्पादन प्रभावित होता है। विशेषकर गन्ना जैसी फसलों पर असर और खाद्य सुरक्षा और महंगाई पर दबाव बढ़ता है। वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के मद्देनजर वित्त मंत्रालय ने मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव को प्रमुख जोखिम बताया है। होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से शिपिंग में बाधा से ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। माल ढुलाई लागत और ईंधन की कीमतें बढ़ सकती हैं। वैश्विक व्यापार की रफ्तार पर नकारात्मक प्रभाव हो सकता हैं। महंगाई पर राहत की उम्मीद हैं। राहत की बात यह है कि महंगाई काबू में रहने की उम्मीद है। दुनिया में कच्चे तेल और अन्य कमोडिटी की कीमतें कम हो रही हैं। यूरिया जैसे जरूरी इनपुट सस्ते हुए हैं। सरकार के पास प्रमुख कृषि उत्पादों का पर्याप्त भंडार है। आपूर्ति-पक्ष के हस्तक्षेप जारी हैं। वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं के सामान्य होने में समय लग सकता है।


 रणनीतिक सुझाव के मद्देनजर रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण सिफारिशें की गई हैं। जल संरक्षण जल जीवन मिशन के लिए बजटीय आवंटन का प्रभावी उपयोग,कृषि मूल्य नीति में बदलाव,जलवायु लचीली फसलों को प्रोत्साहन,अधिक पानी वाली फसलों को हतोत्साहित करना। महत्वपूर्ण कच्चे माल के लिए राष्ट्रीय बफर स्टॉक नीति। भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है और विदेशी मुद्रा भंडार,मजबूत निर्यात तथा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश इसे बाहरी झटकों से बचाने में सहायक हैं हालांकि कमजोर मानसून,अल नीनो और वैश्विक तनाव तीनों मिलकर आने वाले महीनों में चुनौती पैदा कर सकते हैं। सरकार की नीतिगत प्रतिक्रिया और संरचनात्मक सुधार ही यह तय करेंगे कि भारत इन जोखिमों का कितनी प्रभावी ढंग से सामना कर पाता है।

(Photos Courtesy Social media & AI)

~ब्यूरो रिपोर्ट स्पर्श देसाई √•Metro City Post• Digital World•#IndianEconomy #FinanceMinistryReport #MonsoonRisk #ElNinoImpact #GeopoliticalTensions #EconomicGrowth #InflationOutlook #IndiaGDP #EconomicRisks #MonthlyEconomicReview

Comments

Popular posts from this blog

*आज की देश राज्यों से बड़ी खबरें..* *25 - अप्रैल - शनिवार*

*मानसून 2026 अपडेट:बंगाल की खाड़ी का लो-प्रेशर एरिया कमजोर लेकिन अंडमान सागर में मानसून की एंट्री तय*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई

*जॉर्जिया में ठुकराया,भारत में गले लगाया: क्या AI डेटा सेंटर्स की प्यास बुझाएगा हिंदुस्तान का पानी?*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई