*केंद्र सरकार ने Schedule K से Syrups हटाया, अब बिना डॉक्टर की पर्ची नहीं मिलेंगे सिरप,Drugs Rules 1945 में बड़ा संशोधन*/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई

*केंद्र सरकार ने Schedule K से Syrups हटाया, अब बिना डॉक्टर की पर्ची नहीं मिलेंगे सिरप,Drugs Rules 1945 में बड़ा संशोधन*/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई 


(मुंबई/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई)केंद्र सरकार का बड़े फ़ैसले के मद्देनजर Schedule K से ''Syrups'' हटाया गया है। अब डॉक्टर की पर्ची अनिवार्य कर दी है। नई दिल्ल केंद्र सरकार ने दवाओं की बिक्री से जुड़े नियमों में एक अहम बदलाव करते हुए ड्रग्स रूल्स,1945 में संशोधन किया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने Schedule K से "Syrups" शब्द को हटा दिया है। जिसके बाद अब सिरप की श्रेणी में आने वाली सभी दवाओं की बिक्री के लिए डॉक्टर की पर्ची (प्रिस्क्रिप्शन) अनिवार्य हो गई है। यह नया नियम 9 जून 2026 को अधिसूचना जारी होते ही तुरंत लागू हो गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने ड्रग्स (फिफ्थ अमेंडमेंट) रूल्स,2026 का नोटिफिकेशन जारी कर इस संशोधन को अधिसूचित किया है।


 Schedule K क्या है? वह जाने तो Schedule K ड्रग्स रूल्स,1945 की एक अनुसूची है। जिसमें उन दवाओं की सूची होती है। जिन्हें कुछ विशेष शर्तों के तहत कुछ नियमों से छूट दी जाती है। नियम 123 के तहत Schedule K में सूचीबद्ध दवाएं अधिनियम की धारा IV और उसके तहत बने नियमों से छूट प्राप्त होती हैं। Schedule K में वे उत्पाद शामिल होते हैं जिन्हें रोजमर्रा के उपयोग के लिए सुरक्षित माना जाता है। जैसे एंटीसेप्टिक्स, एंटासिड, गर्भनिरोधक और कफ सिरप और इन्हें बिना पूर्ण दवा-बिक्री लाइसेंस के भी बेचा जा सकता था। पहले Schedule K की धारा 13,प्रविष्टि 7 में "Syrups, lozenges, pills and tablets for cough"खांसी के लिए सिरप, लोजेंज,गोलियां और टैबलेट शामिल थे। अब इसी प्रविष्टि से "Syrups" शब्द हटा दिया गया है। सरकार ने यह फैसला क्यों लिया? वह जाने तो यह निर्णय दूषित कफ सिरप से जुड़ी कई दु:खद घटनाओं के बाद लिया गया है। मध्य प्रदेश में 20 से अधिक बच्चों की मौत Coldrif कफ सिरप के सेवन से हुई,जिसमें डाईथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) एक औद्योगिक विलायक जो अत्यंत विषैला होता है । 


उस की खतरनाक मात्रा पाई गई थी ‌। इससे पहले साल 2022 में गाम्बिया में भी भारत से निर्यात किए गए दूषित कफ सिरप के कारण कई बच्चों की मौत हुई थी। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने अक्टूबर 2025 में भी इस संबंध में अलर्ट जारी किया था। ड्रग्स कंसल्टेटिव कमिटी (DCC) ने 17 नवंबर 2025 को अपनी बैठक में खांसी के सिरप को Schedule K से हटाने की सिफारिश की थी। इसके बाद दिसंबर 2025 में ड्राफ्ट नियम जारी किए गए और 30 दिन तक लोगों से सुझाव व आपत्तियां मांगी गईं थीं। सभी सुझावों पर विचार करने और ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड (DTAB) से चर्चा के बाद यह अंतिम फैसला लिया गया। नए नियम का क्या प्रभाव होगा? उसे देखें तो सभी सिरप खांसी, एंटीबायोटिक, एंटी-एलर्जिक सहित अब ओवर-द- काउंटर (OTC) नहीं बिक सकेंगे। अब सिरप खरीदने के लिए डॉक्टर की पर्ची अनिवार्य होगी। दवा निर्माताओं पर अब सख्त नियामक निगरानी होगी। विशेष रूप से प्रोपलीन ग्लाइकॉल जैसे उच्च जोखिम वाले विलायकों के उपयोग पर। सरकार ने सभी राज्यों के ड्रग कंट्रोलरों को कच्चे माल और एक्सीसिएंट्स के अनिवार्य परीक्षण के निर्देश दिए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार "तरल फॉर्मूलेशन बच्चों में व्यापक रूप से उपयोग किए जाते हैं लेकिन इनका सबसे अधिक दुरुपयोग भी होता है । अक्सर सही खुराक के बिना दिए जाते हैं"‌। यह कदम बच्चों और आम जनता को दूषित व खतरनाक सिरप से बचाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। इसकी पृष्ठभूमि में अहम क्यों उठाया गया यह कदम? वो समझे तो गौरतलब है कि यह निर्णय मध्य प्रदेश में 20 से अधिक बच्चों की मौत के बाद लिया गया है । जो डाईथीलीन ग्लाइकॉल (DEG) से दूषित कफ सिरप के सेवन से हुई थी। DEG एक औद्योगिक विलायक है जो अत्यंत विषैला होता है और इससे पहले साल 2022 में गाम्बिया में भी भारत से निर्यात किए गए दूषित कफ सिरप के कारण कई बच्चों की मौत हुई थी। यह जानकारी सब को हैं ‌। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने अक्टूबर 2025 में भी अलर्ट जारी किया था। इस निर्णय की प्रक्रिया में नवंबर 2025 में ड्रग्स कंसल्टेटिव कमिटी (DCC) ने खांसी के सिरप को Schedule K से हटाने की सिफारिश की थी। 29 दिसंबर 2025 को ड्राफ्ट नियम जारी किए गए और 30 दिन तक सुझाव व आपत्तियां मांगी गईं। 9 जून 2026 को ड्रग्स (फिफ्थ अमेंडमेंट) रूल्स,2026 का नोटिफिकेशन जारी किया गया। सभी सुझावों पर विचार और DTAB से चर्चा के बाद अंतिम फैसला लिया गया। Schedule K के हिसाब से क्या है और क्या बदला है?Schedule K ड्रग्स रूल्स,1945 की एक अनुसूची है। जिसमें 15 श्रेणियों की दवाएं शामिल हैं । जैसे एंटीसेप्टिक्स, एंटासिड,गर्भनिरोधक जिन्हें बिना प्रिस्क्रिप्शन (OTC) बेचा जा सकता था। Schedule K की धारा 13, प्रविष्टि 7 में "Syrups, lozenges, pills and tablets for cough" शामिल था । अब इस प्रविष्टि से "Syrups" शब्द हटा दिया गया है। इस नए नियम का प्रभाव के मद्देनजर सभी सिरप खांसी, एंटीबायोटिक,एंटी-एलर्जिक अब OTC नहीं रहेंगे।अब सिरप खरीदने के लिए डॉक्टर की पर्ची अनिवार्य होगी। निर्माताओं पर सख्त नियामक निगरानी विशेष रूप से प्रोपलीन ग्लाइकॉल जैसे उच्च जोखिम वाले विलायकों के उपयोग पर।


 सरकार ने सभी राज्यों के ड्रग कंट्रोलरों को कच्चे माल और एक्सीसिएंट्स के अनिवार्य परीक्षण के निर्देश दिए हैं। 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को कफ सिरप न देने की सलाह दी गई हैं। इसे अंतर्राष्ट्रीय संदर्भ में जाने तो यह कदम वैश्विक स्तर पर भारतीय दवाओं की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच उठाया गया है। WHO ने पहले ही भारत से निर्यात होने वाले कफ सिरप की गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे। यह संशोधन अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप दवा सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। दौरान विशेषज्ञों की राय देखें तो विशेषज्ञों के अनुसार तरल फॉर्मूलेशन बच्चों में व्यापक रूप से उपयोग किए जाते हैं लेकिन इनका सबसे अधिक दुरुपयोग भी होता है। अक्सर सही खुराक के बिना दिए जाते हैं। यह कदम बच्चों और आम जनता को दूषित व खतरनाक सिरप से बचाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल मानी जाती है। (Photos Courtesy Social media)

~ब्यूरो रिपोर्ट स्पर्श देसाई√•Metro City Post• Digital World•#ScheduleK #SyrupsBan #DrugsRules1945 #CoughSyrupPrescription #HealthMinistry #DoctorPrescriptionMandatory #DrugSafety #OTCBan #स्वास्थ्यमंत्रालय #कफसिरप

Comments

Popular posts from this blog

*आज की देश राज्यों से बड़ी खबरें..* *25 - अप्रैल - शनिवार*

*मानसून 2026 अपडेट:बंगाल की खाड़ी का लो-प्रेशर एरिया कमजोर लेकिन अंडमान सागर में मानसून की एंट्री तय*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई

*जॉर्जिया में ठुकराया,भारत में गले लगाया: क्या AI डेटा सेंटर्स की प्यास बुझाएगा हिंदुस्तान का पानी?*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई