*चीन का बड़ा खुलासा: 'जासूस कछुए' और 'जासूस मछलियाँ' कर रहीं समुद्री डेटा चोरी, मछुआरों को मिलेगा लाखों का इनाम*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई

*चीन का बड़ा खुलासा: 'जासूस कछुए' और 'जासूस मछलियाँ' कर रहीं समुद्री डेटा चोरी, मछुआरों को मिलेगा लाखों का इनाम*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई 


(मुंबई /रिपोर्ट स्पर्श देसाई)चीन और विदेशी खुफिया एजेंसियों के बीच जासूसी का खेल एक नए और अजीबोगरीब मोड़ पर पहुंच गया है। चीन के राज्य सुरक्षा मंत्रालय (Ministry of State Security - MSS) ने दावा किया है कि विदेशी खुफिया एजेंसियां चीन के समुद्री क्षेत्रों में जासूसी करने के लिए ''जासूस कछुओं'' (Spy Turtles) और ''जासूस मछलियों'' (Spy Fish) का इस्तेमाल कर रही हैं। मंत्रालय ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ''वीचैट'' (WeChat) पर एक पोस्ट में चेतावनी देते हुए कहा कि चीन के तटीय इलाकों और गहरे समुद्र में ''जासूसी का एक अदृश्य और गुप्त युद्ध'' (an unseen covert war of espionage) छिड़ा हुआ है। कैसे काम कर रहे हैं ''समुद्री जासूस''?वो समझे तो  चीनी सुरक्षा मंत्रालय के अनुसार विदेशी एजेंसियां बड़े आकार के जीवित समुद्री जीवों,खासकर कछुओं और मछलियों को पकड़ती हैं और उनके शरीर पर हाई-टेक सेंसर और ट्रैकिंग डिवाइस लगा देती हैं। इन जीवों को फिर विशेष समुद्री क्षेत्रों में छोड़ दिया जाता है। जहां वे तैरते हुए पानी के तापमान,खारेपन,समुद्री धाराओं (water temperature, salinity, ocean currents) जैसे संवेदनशील डेटा को रियल-टाइम में इकट्ठा करते हैं और सीधे विदेशी उपग्रहों (satellites) के जरिए उसे विदेशों में भेज देते हैं। मंत्रालय ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि ये जासूसी जीव कहां मिले हैं या इसके पीछे उसे किस देश पर शक है। सिर्फ कछुए-मछलियां ही नहीं। ये भी हैं जासूसी के हथियार उसको जाने तो चीन के मुताबिकविदेशी खुफिया एजेंसियां सालों से चीनी नौसेना की गतिविधियों का विश्लेषण करने,समुद्र के नीचे का ''अंडरवाटर मैप'' (underwater map) बनाने और तेल-गैस भंडारों की निगरानी करने की कोशिश कर रही हैं। इसके लिए वे कई तरह के ''समुद्री जासूसों'' का इस्तेमाल कर रही हैं। डिटेक्शन ब्वॉय (Detection Buoys) समुद्र में तैरते ये उपकरण पनडुब्बियों की आवाज और सोनार सिग्नेचर रिकॉर्ड करते हैं। वेव ग्लाइडर (Wave Gliders) सौर ऊर्जा से चलने वाले ये उपकरण लहरों की मदद से आगे बढ़ते हैं और समुद्री डेटा इकट्ठा करते हैं। जहाजों पर लगे उपकरण के मद्देनजर व्यापारिक जहाजों पर''नेविगेशन सर्विस'' के नाम पर लगाए गए ये डिवाइस बंदरगाहों और समुद्री गतिविधियों की जासूसी करते हैं। क्यों है यह खतरनाक? वह जाने तो चीनी सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार इस तरह से चुराया गया डेटा चीन की राष्ट्रीय सुरक्षा,सैन्य सुरक्षा और आर्थिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। उसके मद्देनजर सैन्य को खतरा,डेटा के जरिए चीनी नौसेना की गतिविधियों का पता लगाया जा सकता है। क्षेत्रीय खतरा,''अंडरवाटर मैप'' से चीन के तटीय रक्षा की कमजोरियों का पता चल सकता है और आखिर में आर्थिक खतरा समुद्र के भीतर तेल और गैस के भंडार की जानकारी विदेशों में लीक हो सकती है। दौरान मछुआरों को लाखों का इनाम का एलान हुआ हैं। चीन सरकार ने मछुआरों, शोधकर्ताओं और जहाज मालिकों से अपील की है कि वे समुद्र में किसी भी संदिग्ध उपकरण या जीव को देखने पर तुरंत सुरक्षा एजेंसियों को सूचित करें। इसके लिए सरकार ने इनाम की घोषणा की है । पहले भी कई मछुआरों को संदिग्ध जासूसी उपकरण सौंपने पर 50 लाख रुपये (करीब 73,000 डॉलर) तक का इनाम मिल चुका है। गौरतलब है कि समुद्री जानवरों को जासूसी के लिए इस्तेमाल करने का यह पहला मामला नहीं है। साल 2019 में नार्वे के तट पर एक "बेलुगा व्हेल"मिली थी। जिसके शरीर पर कैमरा लगाने के लिए हार्नेस था। जिसे रूसी नौसेना से जोड़कर देखा गया था। (Photos Courtesy Social media)

~ रिपोर्ट स्पर्श देसाई √•Metro City Post• Digital World• #ChinaSpyTurtles #SpyFish #ChinaEspionage #MaritimeSecurity #ChinaMinistryOfStateSecurity #UnderwaterEspionage #SpyTurtles #ChinaNews #IntelligenceWar #MarineEspionage #समुद्रीजासूसी #चीनजासूसी #SpyDevices #NationalSecurity #BreakingNews #WorldNews #ChinaThreat #UnderwaterSurveillance #OceanDataTheft #MilitarySecurity

Comments

Popular posts from this blog

*आज की देश राज्यों से बड़ी खबरें..* *25 - अप्रैल - शनिवार*

*मानसून 2026 अपडेट:बंगाल की खाड़ी का लो-प्रेशर एरिया कमजोर लेकिन अंडमान सागर में मानसून की एंट्री तय*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई

*जॉर्जिया में ठुकराया,भारत में गले लगाया: क्या AI डेटा सेंटर्स की प्यास बुझाएगा हिंदुस्तान का पानी?*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई