*भारत बनेगा दुनिया का नया 'सुपर-रिच' हब: 2031 तक 51% की रफ्तार से बढ़ेंगे अरबपति, मुंबई रहेगी केंद्र*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई
*भारत बनेगा दुनिया का नया 'सुपर-रिच' हब: 2031 तक 51% की रफ्तार से बढ़ेंगे अरबपति, मुंबई रहेगी केंद्र*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई
(मुंबई रिपोर्ट स्पर्श देसाई)भारत बनेगा अरबपतियों का नया गढ़! नाइट फ्रैंक रिपोर्ट 2026 में 51% उछाल का अनुमान के हिसाब से आगामी साल 2031 तक 313 अरबपति,मुंबई रहेगी केंद्र। वैश्विक मंच पर आर्थिक महाशक्ति के रूप में उभरता भारत अब दुनिया के सबसे अमीर लोगों (अति-धनाढ्यों) का भी नया गढ़ बनने जा रहा है। प्रतिष्ठित रियल एस्टेट कंसलटेंसी फर्म नाइट फ्रैंक (Knight Frank) की वेल्थ रिपोर्ट 2026 के अनुसार अगले पांच वर्षों में भारत में अरबपतियों (Billionaires) की संख्या में अभूतपूर्व उछाल आने वाला है।
रिपोर्ट का अनुमान है कि 2031 तक भारत में अरबपतियों की संख्या 51% की शानदार वृद्धि के साथ 313 पर पहुंच जाएगी। जबकि 2026 की शुरुआत में यह संख्या 207 थी। वैश्विक स्तर पर भारत की सबसे तेज रफ्तार साबित होगी। नाइट फ्रैंक वेल्थ रिपोर्ट के मुताबिक अगले पांच वर्षों में वैश्विक स्तर पर अरबपतियों की संख्या में कुल 26% की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। जिससे आगामी साल 2031 तक दुनिया भर में कुल अरबपतियों का आंकड़ा 3,915 हो जाएगा। इस वैश्विक रेस में भारत सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाले प्रमुख देशों में शामिल है अगर दुनिया के अन्य तेजी से बढ़ते बाजारों पर नजर डालें तो कुछ देशों में प्रतिशत के लिहाज से चौंकाने वाली वृद्धि देखी जा रही है। जिसके तहत सऊदी अरब में +183% की बढ़त होगी। पोलैंड में+123% की बढ़त रहेगी। स्वीडन +81% की बढ़त दर्ज करेगा और यूरोपीय क्षेत्र में कुल 994 अरबपतियों (27% वृद्धि) के साथ एक मजबूत स्थिति में रहेगा। इन सबके बीच भारत अपनी विशाल अर्थव्यवस्था और घरेलू बाजार के दम पर बड़ी संख्या में नए अरबपति पैदा करने की सूची में शीर्ष पर बना हुआ है।
''मायानगरी'' मुंबई रहेगी अमीरों का मुख्य ठिकाना
रिपोर्ट में साफ किया गया है कि देश में वेल्थ क्रिएशन (धन सृजन) का मुख्य केंद्र मुंबई ही रहेगा। भारत की वित्तीय राजधानी पहले से ही देश के सबसे अमीर व्यक्तियों का घर है और अगले पांच सालों में आने वाले इस उछाल का सबसे बड़ा हिस्सा मुंबई के खाते में ही जाएगा। इससे शहर के लग्जरी रियल एस्टेट,प्रीमियम रिटेल और प्राइवेट बैंकिंग सेक्टर को भारी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। केवल अरबपति ही नहीं बल्कि UHNWI की संख्या में भी 27% का उछाल देखने को मिलेगा। भारत में सिर्फ अरबपति ही नहीं बढ़ रहे हैं बल्कि अति-धनाढ्य आबादी (Ultra-High-Net- Worth Individuals - UHNWI),जिनके पास 30 मिलियन डॉलर (लगभग 250 करोड़ रुपये) या उससे अधिक की कुल संपत्ति है। उनकी संख्या में भी 27% की भारी बढ़ोतरी होने का अनुमान है। यह मध्यम और उच्च-मध्यम वर्ग के तेजी से अमीर होने और देश में घरेलू संपत्ति के मजबूत विस्तार को दर्शाता है।
इस महा-उछाल के 3 मुख्य कारण है। आर्थिक विशेषज्ञों और नाइट फ्रैंक के विश्लेषकों के अनुसार भारत में धन सृजन की इस तेज रफ्तार के पीछे तीन मुख्य स्तंभ काम कर रहे हैं। उसमें सबसे पहला तेज और स्थिर आर्थिक विकास (GDP Growth)। भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक बना हुआ है। मजबूत घरेलू मांग और बुनियादी ढांचे (Infrastructure) पर सरकार के फोकस से वेल्थ क्रिएशन को गति मिल रही है।
दूसरा दमदार स्टार्ट-अप इकोसिस्टम के मद्देनजर देश का स्टार्ट-अप कल्चर अब परिपक्व हो चुका है। तकनीकी नवाचार और नए जमाने के उद्यमियों (Entrepreneurs) ने पारंपरिक उद्योगों से हटकर बड़े पैमाने पर नई संपत्ति खड़ी की है और तिसरा पूंजी बाजार (Capital Market) की मजबूती । भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) रिकॉर्ड ऊंचाईयों को छू रहा है। आईपीओ (IPO) बाजार में आई बाढ़ और घरेलू व विदेशी निवेशकों के भरोसे ने कंपनियों के वैल्यूएशन को बढ़ाया है, जिससे शेयरधारकों और प्रमोटरों की संपत्ति में भारी इजाफा हुआ है।
नाइट फ्रैंक वेल्थ रिपोर्ट 2026 यह साफ संकेत देती है कि भारत केवल उपभोग (Consumption) का बाजार नहीं रह गया है बल्कि यह वैश्विक स्तर पर पूंजी बनाने और उसे बढ़ाने का एक प्रमुख केंद्र बन चुका है। आने वाले पांच साल भारतीय अर्थव्यवस्था के ''गोल्डन एरा'' को और मजबूत करेंगे यानि नाइट फ्रैंक वेल्थ रिपोर्ट 2026 के अनुसार अगले पाँच वर्षों में वैश्विक अरबपतियों की संख्या में 26% की बढ़ोतरी होगी और यह आँकड़ा साल 2031 तक 3,915 तक पहुँच जाएगा। इस तेज़ रफ्तार में भारत सबसे आगे रहेगा । देश में अरबपतियों की संख्या साल 2026 की शुरुआत में 207 से बढ़कर आगामी साल 2031 तक 313 हो जाने का अनुमान है। जो कि 51% की शानदार वृद्धि दर्शाता है। रिपोर्ट में सऊदी अरब (+183%),पोलैंड (+123%) और स्वीडन (+81%) को सबसे तेज़ विकास वाले देशों में रखा गया है। जबकि यूरोपीय क्षेत्र में कुल 994 अरबपति (27% वृद्धि) होने का पूर्वानुमान है। भारत में अति-धनाढ्य (UHNWI) आबादी में भी 27% का उछाल आएगा। जिसका मुख्य केंद्र मुंबई रहेगा। विशेषज्ञों के अनुसार भारत की तेज़ आर्थिक वृद्धि, स्टार्ट-अप इकोसिस्टम और पूंजी बाजार की मजबूती इस उछाल के प्रमुख कारण हैं। यह रिपोर्ट भारत को वैश्विक धन सृजन का एक प्रमुख हब बनने की ओर इशारा करती है। (Photos Courtesy Social)
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