*मुंबई में मानसून 2026:25 जून तक हो सकता है देरी से आगमन,एल नीनो ने बढ़ाई चिंता*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई

*मुंबई में मानसून 2026:25 जून तक हो सकता है देरी से आगमन,एल नीनो ने बढ़ाई चिंता*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई 


(मुंबई/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई)मुंबई में मानसून की रफ्तार थमी। मुंबईवासियों को और इंतजार है बारिश का।  दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 4 जून को केरल में प्रवेश कर दिया था और 5 जून तक गोवा पहुंच गया था लेकिन इसके बाद इसकी रफ्तार अचानक थम गई। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मानसून की उत्तरी सीमा पिछले कई दिनों से पश्चिमी तट पर हरनाई के आसपास स्थिर है। जिससे मुंबई में इसके आगमन में देरी होने की आशंका बढ़ गई है। मुंबई में मानसून के आगमन की सामान्य तिथि 11 जून मानी जाती है लेकिन इस बार यह 25 जून के आसपास ही पहुंच सकता है। 


एल नीनो और मौसमी प्रणालियों का असर देखें तो क्यों रुकी मानसूनी हवाएं?मौसम विभाग (IMD) के अनुसार पश्चिमी तट पर मानसून का आगमन 8 जून को ही रुक गया था और तब से इसमें कोई प्रगति नहीं हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार इसके पीछे एल नीनो सहित कई कारक हैं। जिनके कारण मानसून की गति धीमी हुई है। फिलहाल बंगाल की खाड़ी या अरब सागर में कोई निम्न दबाव का क्षेत्र नहीं बन रहा है। जो मानसूनी हवाओं को आगे बढ़ाने में सहायक होता है। मौसम विभाग का कहना है कि क्षेत्र में 20 जून के बाद ही मानसून फिर से सक्रिय हो पाएगा फिलहाल मुंबई और आसपास के इलाकों में गर्म और उमस भरी स्थितियां ही बनी रहेंगी। ऐतिहासिक आंकड़े देखें तो 25 जून की तारीख नया रिकॉर्ड तो नहीं लेकिन साल 2019 और 2023 में भी मानसून ने 25 जून को मुंबई में दस्तक दी थी। इससे पहले 1974 में सबसे देरी से मानसून 28 जून को आया था, जबकि 1959 में भी यह 26 जून को ही पहुंचा था। 


पिछले दस सालों में मुंबई में मानसून की एंट्री इस प्रकार रही है। साल 2025: 26 मई (75 वर्षों में सबसे जल्दी,सामान्य से 16 दिन पहले)। साल 2024:6 जून (सामान्य से 5 दिन पहले)। साल 2023: 25 जून (सामान्य से 14 दिन देरी से)। साल 2022: 11 जून (समय पर)। साल 2021: 9 जून (सामान्य से 2 दिन पहले)। साल 2020: 14 जून (सामान्य से 3 दिन देरी से)। साल 2019: 25 जून (सामान्य से 14 दिन देरी से) और 2016: 20 जून (सामान्य से 9 दिन देरी से)। इन आंकड़ों से साफ है कि मुंबई में मानसून के आगमन में साल-दर-साल काफी उतार-चढ़ाव रहा है। आईएमडी के पूर्वानुमान के मुताबिक इस बार भी यह सिलसिला कायम रह सकता है। बारिश अब तक कितनी हुई? प्री-मानसून भी रहा फीका। मुंबई में इस साल जून में अब तक औसतन बहुत कम बारिश हुई है। आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार संताक्रूज वेधशाला में अब तक केवल 13 मिमी बारिश दर्ज की गई है। जबकि कोलाबा तटीय वेधशाला में महज 4.2 मिमी बारिश हुई है। प्री-मानसून सीजन में भी शहर में ज्यादा बारिश नहीं हुई है। जिससे गर्मी और उमस ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है।


 एल नीनो की मार का असर देखें तो इस साल 2026 का मानसून कमजोर रहने का अनुमान सामने आया है। आईएमडी और स्काईमेट वेदर ने दोनों ने ही चेतावनी दी है कि इस साल 2026 का मानसून सीजन सामान्य से कमजोर रह सकता है। आईएमडी के अनुसार इस साल कुल वर्षा सामान्य से 92% के आसपास रहने का अनुमान है। जबकि स्काईमेट ने 94% वर्षा का अनुमान लगाया है। यह स्थिति एल नीनो के मजबूत होते प्रभाव के कारण पैदा हो रही है। जिसके चलते मानसून न केवल देरी से आ रहा है बल्कि कुल वर्षा पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ सकता है। मुंबई जैसे महानगर के लिए यह चिंता का विषय है क्योंकि शहर की पेयजल आपूर्ति पूरी तरह मानसून पर निर्भर करती है,सिर्फ मुंबई ही नहीं,देरी ने खड़ी की चुनौतियां कैसे वो समझे तो मानसून की देरी का असर सिर्फ मुंबई तक ही सीमित नहीं है। 


महाराष्ट्र के कई हिस्से खासकर मराठवाड़ा और विदर्भ क्षेत्र अब भी अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। राज्य के किसान बुवाई का सही समय तय करने के लिए मानसूनी बारिश पर निर्भर हैं। वहीं ब्रिटेन के लीड्स विश्वविद्यालय और आईएमडी के पूर्व वैज्ञानिक एस.अभ्यंकर के अनुसार जैसे-जैसे समय बीत रहा है। मानसून से जुड़ी अन्य प्रणालियों में सक्रियता बढ़ने से मौसम में नमी आनी शुरू होगी। हालांकि अब उम्मीद की जा रही है कि अगले एक-दो दिन में इस गतिरोध की स्थिति समाप्त हो सकती है। अन्य राज्यों में मानसून की स्थिति देखें तो जहां मुंबई में मानसून की रफ्तार थमी हुई है। वहीं पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में मानसून सक्रिय है। 


मानसून पहले ही उत्तर बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में पहुंच चुका है। दिल्ली में सामान्य तौर पर 27 जून के आसपास मानसून पहुंचता है। इस बार दिल्ली को भी समय पर या उसके आसपास मानसून मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग (IMD) के पूर्वानुमानों के अनुसार अगले कुछ दिनों में मुंबई के आकाश में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं और बीच-बीच में हल्की बूंदाबांदी की संभावना है हालांकि राहत भरी बारिश का इंतजार 20 जून के बाद ही होगा। जब मानसून फिर से सक्रिय होने की उम्मीद है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि मुंबई में मानसून 25 जून के आसपास पहुंच सकता है। मुंबईवासियों को अभी कुछ और दिनों तक गर्मी और उमस से जूझना होगा। मानसून की देरी ने चिंता बढ़ा दी है लेकिन यह याद रखना जरूरी है कि मुंबई में मानसून कब आ रहा है। इसका सीधा संबंत्र इस सीजन में होने वाली कुल बारिश से नहीं होता है। आईएमडी के वैज्ञानिकों के अनुसार केरल या मुंबई में मानसून के जल्दी या देर से आने का मतलब यह नहीं है कि देश के अन्य हिस्सों में भी यही स्थिति रहेगी। मानसून कई वैश्विक,क्षेत्रीय और स्थानीय कारकों पर निर्भर करता है। उम्मीद है कि मानसून के सक्रिय होने के बाद राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन जरूरी तैयारियों के साथ आम जनता और किसानों की मदद कर पाएंगे। (Photos Courtesy Social media)

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