*इंडियन रेलवे का बड़ा एक्शन:बिना टिकट यात्रा पर जुर्माना हुआ डबल,जन विश्वास एक्ट 2026 के तहत ₹250 की जगह अब कटेंगे ₹500*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई
*इंडियन रेलवे का बड़ा एक्शन:बिना टिकट यात्रा पर जुर्माना हुआ डबल,जन विश्वास एक्ट 2026 के तहत ₹250 की जगह अब कटेंगे ₹500*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई
(मुंबई/रिपोर्ट स्पर्श देसाई)भारतीय रेलवे द्वारा टिकट जांच नियमों और जुर्मानों में किए गए ऐतिहासिक संशोधनों पर आधारित एक विस्तृत समाचार रिपोर्ट देखें तो भारतीय रेलवे में सफर करने वाले यात्रियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण खबर है। केंद्र सरकार ने रेल यात्रा को अधिक अनुशासित बनाने और अनाधिकृत सफर पर लगाम लगाने के लिए ''जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) अधिनियम 2026'' के तहत ऐतिहासिक बदलाव किए हैं। भारत सरकार के रेल मंत्रालय द्वारा 19 जून 2026 को जारी राजपत्र अधिसूचना (Gazette Notification) के अनुसार रेलवे अधिनियम, 1989 की प्रमुख धाराओं में संशोधन करते हुए न्यूनतम जुर्माने की राशि को सीधे दोगुना कर दिया गया है। यह नया नियम देश के सभी रेलवे जोनों में कड़ाई से लागू किया जा रहा है और 1 जुलाई 2026 से इसका पूर्ण प्रभाव हर स्तर पर दिखने लगेगा। धारा 137 और 138 में संशोधन से अब कितना लगेगा झटका? वह देखें तो
रेलवे अपराधों को रोकने और कानूनी प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए कानून में''कंपाउंडिंग''यानि जुर्माना देकर मामला सुलझाना की व्यवस्था अपनाई गई है। इसके तहत सीधे मुकदमा दर्ज करने के बजाय ऑन-स्पॉट भारी जुर्माना वसूला जाएगा। धारा 137 (फर्जीवाड़ा या धोखाधड़ी से यात्रा) के मुताबिक यदि कोई यात्री जानबूझकर बिना वैध टिकट/पास के या पहले से उपयोग हो चुके टिकट पर दोबारा यात्रा करता पाया जाता है तो उससे यात्रा के मूल किराए के साथ न्यूनतम ₹500 का अतिरिक्त शुल्क (Penalty) लिया जाएगा। पहले यह न्यूनतम जुर्माना ₹250 था। धारा 138 (बिना टिकट या तय स्टेशन से आगे बढ़ना) अनजाने में बिना टिकट सफर करने या टिकट पर निर्धारित स्टेशन से आगे की यात्रा (Over-travel) करते पकड़े जाने पर भी अब न्यूनतम ₹500 का जुर्माना देय होगा। ध्यान रहे कि यदि कोई यात्री इस पेनल्टी को देने से इनकार करता है तो रेलवे उसे सीधे सक्षम न्यायालय (Competent Court) में पेश करेगी। जहां 6 महीने की जेल या ₹1,000 तक का जुर्माना (या दोनों) लगाया जा सकता है।
अन्य अपराधों पर भी बढ़ी सख्ती (नया रेट कार्ड) जन विश्वास अधिनियम के तहत सिर्फ टिकट ही नहीं बल्कि ट्रेन और स्टेशन परिसर में होने वाली अन्य अनियमितताओं पर भी शिकंजा कसा गया है। दूसरे के टिकट पर सफर (धारा 142) के मद्देनजर किसी अन्य व्यक्ति के नाम के कंफर्म टिकट पर यात्रा करने पर टिकट तुरंत ज़ब्त होगा और न्यूनतम ₹500 की पेनल्टी लगेगी। महिला कोच में पुरुष यात्री का प्रवास को लेकर महिलाओं के लिए आरक्षित बोगी या सीट पर अनधिकृत रूप से बैठने वाले पुरुषों पर ₹2,500 का भारी जुर्माना लगाया जाएगा साथ में अवैध वेंडिंग और उपद्रव रोकने हेतु ट्रेनों में बिना लाइसेंस फेरी लगाने,भीख मांगने या सह-यात्रियों के साथ अभद्र व्यवहार/गाली-गलौज करने पर ₹1,000 से ₹2,000 तक का जुर्माना हो सकता है। ज्वलनशील या खतरनाक सामान जोखिम वाला। ट्रेन में प्रतिबंधित अथवा खतरनाक वस्तुएं ले जाने पर न्यूनतम ₹10,000 की पेनल्टी का प्रावधान है। क्यों पड़ी जुर्माना बढ़ाने की जरूरत?वह जाने तो भारतीय रेलवे के मुताबिक इस कदम का मुख्य उद्देश्य राजस्व सुरक्षा (Revenue Protection) को पुख्ता करना है। अकेले मध्य रेलवे (Central Railway)ने मई 2026 के महीने में ही 4.96 लाख बिना टिकट यात्रियों से ₹40.85 करोड़ का जुर्माना वसूला था। इस बड़े नुकसान को रोकने और वैध टिकट लेकर चलने वाले ईमानदार यात्रियों की सहूलियत सुनिश्चित करने के लिए यह कड़ा कदम उठाया गया है। टीटीई (TTE) और चेकिंग स्टाफ को हैंडहेल्ड डिजिटल टर्मिनल्स दिए गए हैं, जिससे वे नकद के अलावा UPI या QR कोड के माध्यम से भी तुरंत डिजिटल रसीद के साथ जुर्माना वसूल सकेंगे।( Photos Courtesy Social media)
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