*क्यूबा को लेकर यूद्ध संकट: क्या रूस और अमेरिका के बीच शुरू होगा परमाणु युद्ध?*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई
*क्यूबा को लेकर यूद्ध संकट: क्या रूस और अमेरिका के बीच शुरू होगा परमाणु युद्ध?*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई
(मुंबई/रिपोर्ट स्पर्श देसाई) वर्तमान में क्यूबा एक गंभीर संकट से जूझ रहा है। अमेरिकी प्रतिबंधों और नेवल ब्लॉकेज (नौसैनिक घेराबंदी) के कारण वहां दवाइयां, ईंधन और बिजली की भारी किल्लत हो गई है। रूस ने क्यूबा की मदद के लिए अपने जहाज रवाना कर दिए हैं। जिनके पहुंचने में करीब 10 दिन का समय लगेगा। यदि अमेरिका इन जहाजों को रोकता है तो यह तनाव एक बड़े वैश्विक युद्ध का रूप ले सकता है। इतिहास की नजर से क्यूबा के बारे में जाने तो क्यूबा उत्तर अमेरिका के पास कैरेबियन सागर में स्थित सबसे बड़ा द्वीप है। अमेरिका के फ्लोरिडा राज्य के बेहद करीब होने के कारण यह सामरिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है। इसे दुनिया का 'चीनी का कटोरा' कहा जाता है। यहां के सिगार,कॉफी और प्राकृतिक सुंदरता विश्व प्रसिद्ध है। क्यूबा की खोज और स्पेनिश लोगों के शासन बारे में जाने तो साल 1492 में भारत की खोज पर निकले क्रिस्टोफर कोलंबस क्यूबा जा पहुंचे। वहां के निवासियों को देखकर उन्होंने उन्हें 'इंडियंस' हालांकि वह रेड इंडियन्स थे, समझा। इसके बाद करीब 400 सालों तक क्यूबा पर स्पेन का शासन रहा। अपने पड़ोस में विदेशी ताकत की मौजूदगी देख अमेरिका असहज होने लगा। अमेरिका ने क्यूबा के लोगों को स्पेन के खिलाफ विद्रोह के लिए प्रेरित किया और हथियार मुहैया कराए।
इसी दौरान आया टेलर अमेंडमेंट (1898) अमेरिका ने 'टेलर अमेंडमेंट' के जरिए वादा किया कि वह क्यूबा पर कब्जा नहीं करेगा बल्कि उसे आजाद कराने में मदद करेगा। इस भरोसे के साथ क्यूबा के लोगों ने कड़ा संघर्ष किया और अंततःस्पेनिश शासन को उखाड़ फेंका लेकिन यही नजदीकी आगे चलकर 'क्यूबन मिसाइल संकट' जैसे परमाणु युद्ध की दहलीज तक जा पहुंची है। जिसे महज एक अधिकारी की सूझबूझ ने टाल दिया था। क्यूबा को अमेरिका ने चारों ओर से घेर लिया है। उसकी दवाइयां,फ्यूल,बिजली सब खत्म हो गई हैं और अमेरिका उसे पूरी तरह नेवल ब्लॉकेज लगा दिया है। क्यूबा को बचाने के लिए रूस से जहाज चल चुका है। 10 दिन बाद ये रूस का जहाज क्यूबा में पहुंचेगा। यदि अमेरिका इस क्यूबा के जहाज को रोकेगी तो एक बड़ा युद्ध की संभावना बढ़ती है और युद्ध कल कितना रूप बड़ा ले लेगा। ये कोई नहीं जानता है लेकिन इससे पहले हम समझते हैं कि क्यूबा पर अमेरिका ने कैसे सेंक्शन लगाए और रूस ने क्यूबा में अपना परमाणु मिसाइल रखा हुआ था और महज एक ऑफिसर ने रोका था वरना रूस अमेरिका के ऊपर परमाणु बम गिरा दिया होता,परमाणु बम से हमला कर दिया होता।
क्यूबा जो है वो नॉर्थ अमेरिका के पास इस कैरेबियाई देश में आता है। इस जगह इस समुद्र को जिसे कैरेबियन समुद्र के कहते हैं। कैरेबियन देश आते हैं। यहां पर यह देश है क्यूबा। यहां चीनी यानि शक्कर का उत्पादन बहुत अच्छा होता है इसलिए इसे"चीनी का कटोरा"कहा जाता है। जिस शेप में है क्यूबा वह अमेरिका से काफी करीब है। अमेरिका यानि यूनाइटेड स्टेट उनके एकदम करीब है। अमरीका का निचला राज्य फ्लोरिडा से काफी करीब है क्यूबा इसलिए अमेरिका के लिए काफी सेंसिटिव रहता है। क्यूबा को अगर हम देखेंगे तो क्यूबा अमेरिका के पास होने के साथ-साथ ये कैरेबियन सी में सबसे बड़ा द्वीप माना जाता है । यहां पर नेचुरल रिसोर्स बहुत ज्यादा है। बड़ी सुंदर पर्यटक जगह है। वहां पर कॉफी वगैरह का उत्पादन बहुत होता है। चीनी का उत्पादन होता है। यहां का सिगार यानी सिगरेट बहुत प्रसिद्ध है पूरी दुनिया में। ये सब चीजें बहुत प्रसिद्ध हैं । स्पेन का समूद्र यात्री कोलंबस भारत खोजने गया था पर पहुंचा क्यूबा में। हम भारत को खोजेंगे। अब भारत इधर है ना? तो ये भारत को खोजने चल निकला और वो पहुंच गया क्यूबा। उन्होंने कहां कि हमने भारत को खोज निकाला? पर यहां के आदमियों को देखा तो एकदम"गहरे रंग के" कंज-करिया उच्च कद काठी शरीर वाले लंबे-लंबे बालों वालें, कहा कि इंडियन तो लग रहे हैं सब लेकिन लाल-लाल किस्म के रंग वालें हैं । सब यहां तो उसने वहाँ के लोगों को "रेड इंडियंस" कहा था। ''वेस्ट इंडीज'' नाम बाद में भौगोलिक स्थिति के कारण पड़ा। बाद में पता चला भारत खोजने निकले थे पर ये दूसरा ही देश खोज दिया। इसने साल 1492 में इसने क्यूबा की खोज की और जैसे खोज किया बाद में स्पेन ने इस क्यूबा पर कब्जा कर लिया। 400 सालों तक क्यूबा पर स्पेन का कब्जा रहा और स्पेन का जब ये कब्जा रहा तो पड़ोसी राष्ट्र अमेरिका अनकंफर्टेबल होने लगा। उसके पास के क्यूबा पर किसी दूसरे देश ने यहां पर आकर उन पर कब्जा कर लिया। अमेरिका ने आखिरकार यहां आकर क्यूबा के लोगों को भड़काना चालू किया और अमेरिका कहा कि तुम संघर्ष करों । लड़ो अपने देश के लिए और यहां से इन विदेशियों को भगाओ। इन विदेशियों का आखिर क्या अधिकार है तुम्हारे देश के ऊपर? स्पेनिश लोगों को क्यूबा से भगाने के लिए अमेरिका ने मदद की। अमेरिका यहां पर विद्रोह करवाया,हथियार भेजें ताकि इन लोग को स्पेनिश लोगों को मारा जाए। अमरीका ने कहा कि हम क्यूबन लोगों आजाद कराना चाहते हैं। तुम्हारे ऊपर कब्जा करना नहीं चाहते। तुम मार के भगाओ स्पेनिश लोगों को और इस तरह अमेरिका ने टेलर अमेंडमेंट किया 1898 में। टेलर अमेंडमेंट में अमेरिका ने वादा किया कि अमेरिका क्यूबा पे कब्जा नहीं करेगा इसलिए क्यूबा वाले अमेरिका पर भरोसा किया और मारधाड़ व संग्राम पूरा जबरदस्त तरीके से हुआ और स्पेन को क्यूबा से जाने में लंबा समय लगा पर धीरे-धीरे करके स्पेनिश लोगों को इन लोगों ने भगा ही दिया। इस तरह से क्यूबा स्पेन की गुलामी से आजाद हुआ था। (Photos Courtesy Social media)
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