*कर्नाटक में बड़ा सियासी उलटफेर:सिद्धारमैया का इस्तीफा,3 जून को सीएम पद की शपथ लेंगे डीके शिवकुमार!*/रिपोर्ट स्पर्श
*कर्नाटक में बड़ा सियासी उलटफेर:सिद्धारमैया का इस्तीफा,3 जून को सीएम पद की शपथ लेंगे डीके शिवकुमार!*/रिपोर्ट स्पर्श
(मुंबई/रिपोर्ट स्पर्श देसाई)डीके शिवकुमार होंगे कर्नाटक के अगले सीएम ।कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद कांग्रेस विधायक दल ने डीके शिवकुमार को अपना नेता चुना है और वह अगले मुख्यमंत्री बनेंगे। शिवकुमार 3 जून को मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। बकौल रिपोर्ट्स शिवकुमार- सिद्धारमैया के बीच ढाई-ढाई साल के फॉर्मूले के आधार पर सिद्धारमैया पर पद छोड़ने का दबाव बनाया गया था। कर्नाटक में हुए इस बड़े सियासी उलटफेर पर कर्नाटक की सियासत में पिछले कई महीनों से चल रही शह-मात की लड़ाई का आखिरकार पटाक्षेप हो गया है। मुख्यमंत्री पद से सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद अब सूबे की कमान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और संकटमोचक कहे जाने वाले डी.के.शिवकुमार के हाथों में जाने का रास्ता पूरी तरह साफ हो चुका है।
कांग्रेस विधायक दल (CLP) की बैठक में उन्हें औपचारिक रूप से नेता चुन लिया गया है। इसका राजनीतिक विश्लेषण देखें तो ढाई-ढाई साल का फॉर्मूला और हाईकमान का दबाव। साल 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की बंपर जीत के बाद से ही सिद्धारमैया और डी.के.शिवकुमार के बीच मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर खींचतान जारी थी हालांकि शुरुआती ढाई साल सिद्धारमैया को मिले लेकिन जैसे ही सरकार अपने कार्यकाल के मध्य की ओर बढ़ी शिवकुमार कैंप ने वादे के मुताबिक सत्ता हस्तांतरण (Power Transition) के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया। ऐसे में हाईकमान को दखल देना पड़ी।
दिल्ली में मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के साथ हुई कई दौर की बैठकों के बाद सिद्धारमैया को "अनुशासन और वादे" की दुहाई देकर पद छोड़ने के लिए राजी किया गया। अब इस बदलाव की टाइमिंग देखें पार्टी इस बदलाव के जरिए राज्य में एक नया नेतृत्व (Generational Shift) स्थापित करना चाहती है। सिद्धारमैया को राष्ट्रीय राजनीति में बड़ी भूमिका और राज्यसभा सीट की पेशकश की गई है हालांकि उन्होंने अभी इस पर अपने पत्ते नहीं खोले हैं। दौरान आगे चुनौतियां भी हैं। डी.के. शिवकुमार के लिए मुख्यमंत्री की कुर्सी कांटों भरा ताज भी साबित हो सकती है। उन्हें सिद्धारमैया गुट के विधायकों को संतुष्ट रखना होगा और आगामी राज्यसभा चुनावों के मद्देनजर मंत्रिमंडल गठन में सभी जातियों (अहलिंदा और लिंगायत-वोक्कालिगा) का संतुलन बनाए रखना होगा। शपथ ग्रहण समारोह कब और कहां होगा? वह देखें तो तमाम राजनीतिक अटकलों और तैयारियों के बीच नए मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण की आधिकारिक रूपरेखा तय हो चुकी है। यह शपथग्रहण समारोह की तारीख व समय देखें तो डी.के.शिवकुमार 3 जून 2026 को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। ज्योतिषीय और शुभ मुहूर्त के अनुसार शाम 5:15 बजे का समय तय माना जा रहा है। यह शपथ ग्रहण समारोह बेंगलुरु के राजभवन (Lok Bhavan) के प्रतिष्ठित ग्लास हाउस (Glass House)में आयोजित किया जाएगा। समारोह का स्वरूप (सादगी का संदेश रहेगा) पहले कयास लगाए जा रहे थे कि यह समारोह किसी बड़े मैदान या स्टेडियम में होगा। जिसके लिए हजारों बसें बुक करने की योजना थी लेकिन प्रदेश कांग्रेस ने ट्रैफिक जाम और फिजूलखर्ची से बचने के लिए इसे बेहद सादा रखने का फैसला किया है।
इसके साथ मंत्रिमंडल का गठन की प्रक्रिया देखें तो 3 जून को शिवकुमार के साथ करीब 8 से 10 वरिष्ठ मंत्री भी शपथ ले सकते हैं। बाकी के मंत्रियों का शपथ ग्रहण 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव के बाद किया जाएगा। दौरान राजनीतिक गलियारों की सुगबुगाहट भी शुरू हो गई है। विदाई के वक्त भी सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच एक अनूठी एकजुटता देखने को मिली। जहां शिवकुमार ने भावुक होकर सिद्धारमैया के पैर छूकर आशीर्वाद लिया लेकिन देखना दिलचस्प होगा कि क्या ''अहलिंदा'' (OBC,अल्पसंख्यक,दलित) राजनीति के कद्दावर नेता सिद्धारमैया के हटने के बाद "वोक्कालिगा समुदाय" से आने वाले शिवकुमार सरकार में आंतरिक संतुलन बनाए रख पाते हैं या नहीं। (Photos Courtesy Social media)
~ब्यूरो रिपोर्ट स्पर्श देसाई √•Metro City Post•Digital •
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