*पंजाब निकाय चुनाव 2026: 'आप' की बादशाहत बरकरार, बीजेपी की रिकॉर्ड छलांग ने बदला 2027 का सियासी समीकरण*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई
*पंजाब निकाय चुनाव 2026: 'आप' की बादशाहत बरकरार, बीजेपी की रिकॉर्ड छलांग ने बदला 2027 का सियासी समीकरण*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई
(मुंबई/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई)पंजाब के 102 नगर निकायों (1,977 वार्डों) के नतीजों ने सूबे की सियासत में हलचल तेज कर दी है। साल 2027 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले आए इन नतीजों को सत्ता का ''सेमीफाइनल'' माना जा रहा है। विशेष विश्लेषण देखें तो पंजाब निकाय चुनाव 2026 में ''आप'' की बादशाहत के बीच बीजेपी की लंबी छलांग लगाई है। पंजाब स्थानीय निकाय चुनाव 2026 के नतीजे साफ हो चुके हैं। सूबे की सत्ता पर काबिज आम आदमी पार्टी (AAP) ने उम्मीद के मुताबिक अपनी बढ़त बरकरार रखते हुए सबसे ज्यादा सीटें जीती हैं लेकिन इस चुनाव की सबसे बड़ी इनसाइड स्टोरी भारतीय जनता पार्टी (BJP)का हैरान करने वाला प्रदर्शन और कांग्रेस (Congress) का जमीनी स्तर पर बिखरना है। मुख्य चुनाव के आंकड़े देखें तो किसने मारी बाजी? कौन पिछड़ा?कुल 1,977 वार्डों के नतीजों में राजनीतिक दलों की स्थिति जानें तो।
•राजनीतिक दल• 2021 की सीटें •2026 के नतीजे (सीटें) • प्रदर्शन का ग्राफ
~आम आदमी पार्टी (AAP) •69 •958• एकतरफा बहुमत (करीब 48% सीटें) ।
~कांग्रेस (INC)• 1432 •397•भारी गिरावट,शहरी जमीन खिसकी ।
~निर्दलीय (Independents)•— •251 • तीसरा सबसे बड़ा ग्रुप बनकर उभरे ।
~शिरोमणि अकाली दल (SAD)•284 •192• अपनी पारंपरिक साख बचाने की लड़ाई ।
•भारतीय जनता पार्टी (BJP)•49 •172• 300% से ज्यादा की छलांग लगाई है। अबोहर/पठानकोट में डंका चुनावी विश्लेषण के मद्देनजर 3 बड़े टेकअवे देखने को मिले।(Takeaways) ''आप'' का दबदबा कायम पर चुनौती बरकरार। मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में ''आप'' ने 5 नगर निगमों मोहाली,बरनाला, बठिंडा,मोगा और बटाला पर कब्जा कर अपनी लोकप्रियता साबित की है हालांकि विपक्ष का आरोप है कि सत्ताधारी दल ने सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल किया लेकिन ''मुफ्त बिजली'' और ''आम आदमी क्लीनिक''जैसे मुद्दों ने जमीन पर काम किया है। बीजेपी का ''अर्बन बेस'' हुआ मजबूत । अकेले चुनाव लड़ रही बीजेपी के लिए यह चुनाव संजीवनी जैसा है। पार्टी ने साल 2021 के मुकाबले अपनी सीटों को 49 से बढ़ाकर 172कर लिया है। अबोहर नगर निगम में बीजेपी ने पूर्ण बहुमत हासिल किया। पठानकोट में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। मोहाली और बरनाला जैसे शहरी इलाकों में भी बीजेपी ने अपनी मौजूदगी मजबूती से दर्ज कराई है। जो दिखाता है कि शहरी हिंदू और व्यापारी वर्ग वापस बीजेपी के विकास एजेंडे से जुड़ रहा है।
इस चुनाव में कांग्रेस का किला ढह गया है। साल 2021 में करीब 1,432 सीटें जीतने वाली कांग्रेस इस बार महज 397 सीटों पर सिमट गई। गुटबाजी और अंदरूनी कलह के कारण कांग्रेस अपना वोट बैंक ''आप''और बीजेपी के हाथों गंवा बैठी हालांकि कपूरथला नगर निगम में कांग्रेस ने अपनी साख बचाते हुए जीत दर्ज की है। अब सवाल यह है क्या 2027 में आएगा बीजेपी का तूफान? इसके लिए राजनीतिक पंडितों का विश्लेषण देखें तो इन नतीजों से यह साफ है कि पंजाब में बीजेपी अब ''जूनियर पार्टनर''या सिर्फ अकाली दल के भरोसे रहने वाली पार्टी नहीं रही। उसने अपने दम पर शहरी कैडर खड़ा कर लिया है हालांकि साल 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी को अभी ग्रामीण इलाकों (जहाँ किसान आंदोलन का असर रहा है) में पैठ बनानी होगी। पंजाब अब 'द्विकोणीय' (आप बनाम कांग्रेस) मुकाबले से निकलकर त्रिकोणीय और चतुष्कोणीय मुकाबले की तरफ बढ़ रहा है। ''आप''नंबर वन जरूर है लेकिन बीजेपी ने यह साबित कर दिया है कि साल 2027 की राह में वह किसी के लिए भी खेल बिगाड़ सकती है और खुद किंगमेकर या बड़ी ताकत बनकर उभर सकती है। यह रिपोर्ट 29-30 मई 2026 के आधिकारिक चुनाव आयोग के आंकड़ों पर आधारित है।(Photos Courtesy Social media)
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