*AAP के 7 राज्यसभा सांसदों के BJP में शामिल होने से दिल्ली से पंजाब,गोवा से गुजरात तक सियासी हलचल तेज,BJP का एक तीर से कई निशाने*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई
*AAP के 7 राज्यसभा सांसदों के BJP में शामिल होने से दिल्ली से पंजाब,गोवा से गुजरात तक सियासी हलचल तेज,BJP का एक तीर से कई निशाने*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई
(मुंबई/रिपोर्ट स्पर्श देसाई)आम आदमी पार्टी (AAP) के सात राज्यसभा सांसदों के बीजेपी में शामिल होने के बाद पंजाब,दिल्ली,गोवा और गुजरात की राजनीति गरमा गई है। बीजेपी ने इसे 'एक तीर से कई निशाने' वाली चाल करार दिया है। जबकि AAP के लिए यह अब तक का सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है। बीजेपी में शामिल होने वालों में राघव चड्ढा,संदीप पाठक,स्वाति मालीवाल,अशोक मित्तल,विक्रमजीत साहनी,हरभजन सिंह और राजिंदर गुप्ता शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक बीजेपी ने यह तैयारी काफी पहले से कर ली थी। संदीप पाठक को बीजेपी के लिए 'सबसे बड़ा कैच' माना जा रहा है क्योंकि पंजाब में उनकी पकड़ मजबूत है। अब पंजाब पर बीजेपी की निगाहें टिकी हुई है। बीजेपी नेताओं के अनुसार पार्टी की रणनीति पंजाब में जनाधार बढ़ाने की है । जहां फरवरी 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं। बीजेपी के पास फिलहाल सिर्फ 2 विधायक हैं। जबकि 2024 लोकसभा चुनाव में उसका वोट प्रतिशत 6.5% से बढ़कर 18.5% हो गया लेकिन एक भी सीट नहीं जीत सकी। पार्टी ने शिरोमणि अकाली दल से गठबंधन से साफ इनकार कर अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया है। राघव चड्ढा को शहरी और रवनीत सिंह बिट्टू को ग्रामीण क्षेत्रों में चेहरा बनाकर पेश करने की योजना है।
संदीप पाठक के जरिए AAP के मौजूदा विधायकों को तोड़ने की कोशिश भी की जाएगी हालांकि विधायक दल में टूट फिलहाल मुश्किल लग रही है क्योंकि पंजाब में 61 और दिल्ली में 15 विधायकों की जरूरत होगी। गुजरात में स्थानीय निकाय चुनाव से एक दिन पहले यह घटनाक्रम AAP के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। 15 नगर निगम,84 नगरपालिकाओं और 34 जिला पंचायतों के चुनाव में AAP,बीजेपी और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला है। AAP इसे 2027 का 'सेमीफाइनल' बता रही थी। वहीं गोवा में पिछले विधानसभा चुनाव में AAP को 2 सीटें और 6.77% वोट मिले थे और उसने दक्षिण गोवा में अपनी पैठ बनाई थी। इस घटना से राज्यसभा में बीजेपी की ताकत बढ़ी है। इन सात सांसदों के आने से राज्यसभा में बीजेपी के सांसदों की संख्या बढ़कर 113 हो गई है । जबकि एनडीए 150 के करीब पहुंच गया है। इससे मोदी सरकार को अहम विधेयक पारित कराने में आसानी होगी हालांकि बीजेपी पर विपक्षी दलों को तोड़ने,लोकतंत्र को कमजोर करने और 'वॉशिंग मशीन' यानी भ्रष्टाचार के दाग धोने का आरोप लग रहा है।
बीजेपी को इन आरोपों से पार पाने की चुनौती भी होगी। अब सबकी निगाहें इस पर हैं कि क्या राज्यसभा सांसदों के बाद AAP के लोकसभा सांसद और विधायक भी पाला बदलेंगे। बीजेपी नेताओं का कहना है कि फिलहाल पंजाब में पार्टी को मजबूत करने पर फोकस है लेकिन गोवा और गुजरात के चुनावों को देखते हुए आने वाले महीने अहम होंगे। AAP के लिए यह 'ऑपरेशन लोटस' का सबसे बड़ा खतरा बनकर उभरा है। (Photos Courtesy Social media)
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